पीएम मोदी को मुस्लिम महिलाओं ने अपना मत दिया है? यह बात इस समय विशेषत: उत्तर प्रदेश के संदर्भ में इस प्रकार कही जा रही है कि जैसे मुस्लिम महिलाओं ने कोई अप्रत्याशित कार्य कर दिया हो। वास्तव में देश की परिस्थितियां ही ऐसी रही हैं कि यदि मोदी सरकार के किसी निर्णय के साथ […]
Month: March 2017
चोर की मां को पकड़ो
उत्तर प्रदेश में केसरिया लहरा गया है और जिस प्रकार उत्तर प्रदेश की जनता ने केसरिया के पक्ष में भाजपा को प्रचण्ड बहुमत दिया है, उससे केसरिया उत्तर प्रदेश में लहराने के साथ-साथ गहरा भी गया है। इस सबके लिए उत्तर प्रदेश की जनता वास्तव में ही बधाई की पात्र है। हिंदू महसभा के प्रखर […]
‘कटती गैया करे पुकार, बंद करो यह अत्याचार’-यह एक नारा था, जिसे भारत में गोभक्त लंबे समय से लगाते चले आ रहे थे। पर देश की सरकारें थीं कि गोभक्त और गोवंश को मिटाने पर लगी थीं। सर्वत्र हाहाकार मची थी। भारतीय गोभक्त संस्कृति का आंखों देखते-देखते सर्वनाश हो रहा था। अवैध बूचड़खानों की बाढ़ […]
सरदार भगत सिंह और उनके साथी सुखदेव और राजगुरू को लाहौर षडय़ंत्र केस में फांसी की सजा हुई थी। 1928 में लाला लाजपत राय जब लाहौर में साईमन कमीशन के विरोध में सडक़ों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन कर रहे थे, तो क्रांति के उस महानायक पर पुलिस कप्तान सांडर्स ने लाठियों से निर्मम प्रहार किया […]
उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाते हुए गंगा-यमुना को एक जीवित व्यक्ति के से अधिकार प्रदान किये हैं। जिससे इन दोनों नदियों को ‘लीगल स्टेटस’ मिल गया है। उच्च न्यायालय ने अगले 8 सप्ताह में गंगा प्रबंधन बोर्ड बनाने का आदेश भी केन्द्र सरकार को दिया है। उच्च न्यायालय का मानना है कि […]
योगी आदित्य नाथ ने भारत के उस उत्तर प्रदेश नामक प्रांत के मुख्यमंत्री पद का दायित्व संभाल लिया है, जो इस देश में जनसंख्या की दृष्टि से सबसे बड़ा प्रांत है और विश्व में जनसंख्या की दृष्टि से जिससे केवल छह देश ही बड़े हैं। सचमुच इसे बड़े प्रांत का मुख्यमंत्री बनना किसी देश के […]
दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल दिल्ली को दुर्दशाग्रस्त करने में कोई कमी नहीं छोड़ रहे हैं। दिल्ली की जनता उनके पीछे-पीछे बड़े-बड़े प्रश्न लिये घूम रही है और केजरीवाल हैं कि जनता की ओर न देखकर देश के अन्य प्रांतों की ओर देख रहे हैं। उन्होंने दिल्ली छोडक़र पंजाब भागने का मन बनाया, परंतु पंजाब की […]
बिखरे मोती भाग-52
चित चिंतन और चरित्र को, राखो सदा पुनीत भाव यह है कि प्रेम के बिना संसार के सारे रिश्ते ऐसे लगते हैं जैसे सूखा गन्ना। सूखा गन्ना शक्ल सूरत से तो बेशक गन्ना दिखाई देता है किंतु रस न होने के कारण वह अनुपयोगी हो जाता है। ठीक इसी प्रकार यदि सांसारिक रिश्तों में प्रेम […]
बिखरे मोती भाग- भाग-75
युवा जीयें भविष्य में, ऐसा विधि-विधान जो जन आसक्ति रहित, अपनी सिद्धि में लीन। भूसुर ज्ञानी तपस्वी, मिलें दुर्लभ ऐसे कुलीन ॥813॥ स्वयं को करता माफ तू, गैरों से प्रतिशोध। ये तो आत्मप्रवंचना, कब जागेगा बोध ॥814॥ आत्मप्रवंचना- अपने आपको धोखा देना। कब जागेगा बोध से अभिप्राय है- अपनी गलती को मानने का विवेक कब […]
बिखरे मोती भाग- 72
सोये शेर के मुखन में, हिरण कभी नहीं आय प्रेम का शाश्वत नियम है- “प्रेम यदि हृदय में हो तो नेत्र में उतरता है, नेत्र से फिर वह सामने वाले के हृदय में उतरता है।” यश धन अदने को मिलै, तो अपनों से कट जाए। ज्यों गुब्बारे में हवा, अधिक आय फट जाए ॥786॥ ‘अपनों […]