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स्वच्छ भारत के नक़्शे में क्यों नज़र नहीं आती स्लम बस्तियां?

ईशा कुमारी पटना, बिहार देश को स्वच्छ बनाने के लिए पिछले कुछ वर्षों से केंद्र के स्तर पर लगातार प्रयास किये जाते रहे हैं. एक ओर जहां स्वच्छ भारत अभियान चलाया जाता है वहीं दूसरी ओर राज्य के साथ साथ शहरी स्तर पर भी स्वच्छता सर्वेक्षण कराये जा रहे हैं. जिसमें देश के सभी राज्यों […]

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पोषण युक्त आहार से ही बनेगा कुपोषण मुक्त भारत

-ः ललित गर्ग:- संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) द्वारा भारत सहित पूरे विश्व में भूख, कुपोषण एवं बाल स्वास्थ्य पर समय-समय पर चिंता व्यक्त की गई है। यह चिन्ताजनक स्थिति विश्व का कड़वा सच है लेकिन एक शर्मनाक सच भी है और इस शर्म से उबरना जरूरी है। कुपोषण और भुखमरी से […]

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अनंत की शादी में समृद्धि का फूहड़ प्रदर्शन

(राकेश अचल-विभूति फीचर्स) धीरूभाई अंबानी के पौत्र अनंत अंबानी की शादी भारत में होने वाली शायद सबसे मंहगी और विशेष शादी है।इस शादी में अनंत के पिता मुकेश अंबानी केवल आसमान के तारे तोड़कर नहीं ला पाए अन्यथा धरती पर जितना कुछ संभव था उन्होंने कर दिखाया। मै अंबानी परिवार से वर्षों से जुड़ा हूं, […]

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परिवार नियोजन की पहुंच से दूर महिलाओं की स्थिति

मंशा गुर्जर जयपुर, राजस्थान “मेरी शादी 17 साल की उम्र में हो गई थी, फिर एक के बाद एक तीन बच्चे हो गए. अब न मेरी सेहत ठीक रहती है और न बच्चे की. परिवार नियोजन के बारे में सुना था, लेकिन पति ऐसा नहीं करने देते हैं. एक बार उन्हें बिना बताये अस्पताल भी […]

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घरेलू हिंसा के विरुद्ध समाज को जागरूक होने की जरूरत भावना

लूणकरणसर, बीकानेर राजस्थान “मेरी शादी 30 साल पहले हुई थी. शादी के कुछ दिन तो अच्छे रहे लेकिन उसके बाद मारपीट और घरेलू हिंसा का कहर इस कदर मेरे उपर बरपा कि मुझे कुछ भी समझ में नहीं आया. पहले दिन जब मेरे पति ने मेरे ऊपर हाथ उठाया तो मुझे नहीं पता था कि […]

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सामाजिक पहल से ही लिंग आधारित हिंसा ख़त्म हो सकती है

कविता धमेजा जयपुर, राजस्थान महिलाओं के विरुद्ध हिंसा आज भी हमारे समाज में एक गंभीर समस्या बनी हुई है. इसकी वजह से महिलाएं केवल शारीरिक रूप से ही नहीं, बल्कि मानसिक रूप से भी विकास में पिछड़ जाती हैं. राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) द्वारा जारी 2022 की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार 2021 की तुलना […]

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क्यों नहीं रुक रहा दहेज मांगने का सिलसिला?

गायत्री रावल गनीगांव, उत्तराखंड वर्ष 2023 के अंतिम माह में केंद्र सरकार ने राज्यसभा को एक लिखित उत्तर में बताया था कि साल 2017 से 2021 के बीच देश भर में दहेज के नाम पर करीब 35,493 हत्या के मामले दर्ज किए गए थे, यानी प्रतिदिन लगभग 20 मामले दहेज के नाम पर होने वाली […]

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लैंगिक असमानता से आज भी ग्रसित है भारतीय समाज

ललित गर्ग  विश्व आर्थिक मंच द्वारा हाल में प्रस्तुत किये गए लैंगिक अंतर के आंकड़ों ने एक ज्वलंत प्रश्न खड़ा किया है कि शिक्षा, आय, सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में आधी दुनिया को उसका हक क्यों नहीं मिल पा रहा है? निस्संदेह, हमारे सत्ताधीशों को सोचना चाहिए कि लैंगिक अंतर सूचकांक में भारत 146 […]

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कैसे मुक्त हों प्री वेडिंग शूट की बुराई से*

(पूरन चन्द्र शर्मा – विनायक फीचर्स) आजकल सोशल मीडिया पर प्री-वेडिंग शूट के बारे में बहुत सारी सामग्री पोस्ट हो रहीं हैं। बताया जाता है कि – प्री-वेडिंग शूट हमारे सनातन धर्म के खिलाफ है। यह वेस्टर्न कल्चर है, यह बन्द होनी चाहिए आदि – आदि। समाज सुधारक एवं समाज चिन्तक भाई – बहनें पोस्ट […]

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अच्छा रिश्ता मिलना समस्या क्यों?*

(फौजिया नसीम ‘शाद’- विभूति फीचर्स) कहते हैं कि रिश्ते आसमान पर बनते हैं। जमीन पर तो उनका सिर्फ मिलन होता है और इस मिलन को भाग्य में लिखे गए जीवनसाथी को तलाश करने में माता-पिता और निकट संबंधियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, लेकिन आज के इस निरन्तर परिवर्तित युग में यह दायित्व मैरिज ब्यूरो […]

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