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बेटियां मारी और बहुएं खरीदी जाती हैं

सीटू तिवारी पटना, बिहार हरियाणा के जींद में सड़क किनारे ढ़ाबे पर तेज आवाज में एक हरियाणवी गाना बज रहा है, जिसका अर्थ है “इतनी उम्र में ब्याह नहीं हो पाया है तो एक जरूरी बात सुनो, 30-35 हज़ार का जुगाड़ करो और बहु ले आओ मोल (खरीद) की, रेल पर बैठ कर कोई बिहार, […]

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उसी अपराधी का पुनर्वास हो जो अपराध न करने की कसम ले

अशोक मधुप यूपी में पिछले पांच सालों में 172 अपराधियों की मौत पुलिस की गोली से हुई है। पुलिस ने बताया कि 2023 के 11 दिनों में ही चार बदमाश मारे गए। कुल मारे गए बदमाशों में मेरठ जोन के सबसे अधिक 67 अपराधी थे। मुठभेड़ के दौरान 4562 आरोपी पुलिस की गोली से घायल […]

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पर्यावरण महत्वपूर्ण लेख मुद्दा समाज

“बिन पानी सब सून” कहावत हमारे जीवन में कहीं वास्तविकता न बन जाए

ऐसा कहा जा रहा है कि आगे आने वाले समय में विश्व में पानी को लेकर युद्ध छिड़ने की स्थितियां निर्मित हो सकती हैं, क्योंकि जब भूगर्भ में पानी की उपलब्धता यदि इसी रफ्तार से लगातार कम होती चली जाएगी तो वर्तमान स्थानों (शहरों एवं गावों में) पर निवास कर रही जनसंख्या को अन्य स्थानों […]

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भारत में दलित कौन है ?

दलित कौन? दलित अंग्रेज़ी शब्द डिप्रेस्ड क्लास का हिन्दी अनुवाद है। ये शब्द हमारे किसी धर्म ग्रथ या इतिहास में नही मिलता है।भारत में वर्तमान समय में ‘दलित’ शब्द कुछ विशेष वर्ग के साथ जोड़ दिया है जिसको गरीबी और अशिक्षा के कारण लम्बे अरसे तक शोषण-उत्‍पीडन का शिकार खेलना पड़ा। दरअसल दलित शब्द का […]

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रूढ़िवादी समाज को चुनौती देती ग्रामीण महिलाएं

अनीता मीना कटकड करौली, राजस्थान दुनिया की आधी आबादी यानी नारी शक्ति का दो रूप हम देख पा रहे हैं. एक तरफ तो वो चांद को छू रही है, एवरेस्ट फतह कर रही है, वैज्ञानिक, डॉक्टर, इंजीनियर और मुख्यमंत्री तक बन रही हैं तो वहीं दूसरी और हमारे गांव में जहां देश की बड़ी आबादी […]

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सनातन सम्मान के लिए भी संगठनात्मक शक्ति प्रदर्शित होनी चाहिए

दिव्य अग्रवाल पाकिस्तान का बिलावल भुट्टो हो या हिंदुस्तान का ओवैसी प्रत्येक मुस्लिम नेता व् इस्लामिक धर्म प्रचारक पुरे विश्व के मुसलमानों को गुजरात दंगों व अयोध्या के विवादित ढांचे पर भ्रमित कर मुसलमानों को मजहब के नाम पर संगठित होकर मानवता के विरुद्ध जिहाद करने की ओर प्रोत्साहित करते रहते हैं । जिस प्रकार […]

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ग्रामों में युवा वर्ग में शराब के सेवन की बढ़ती प्रवृत्ति चिन्ताजनक

–मनमोहन कुमार आर्य वैदिक साधन आश्रम तपोवन, देहरादून के मंत्री श्री प्रेम प्रकाश शर्मा जी ने अपने निवास पर 5 दिवसीय ऋग्वेद यज्ञ एवं वेदकथा का आयोजन किया है। यह कार्यक्रम  दिनांक 7-9-2022 को आरम्भ हुआ। इससे पूर्व देहरादून में जाखन स्थित दून विहार कालोनी में दिनांक 4-9-2022 को एक शोभायात्रा भी निकाली जा चुकी है जिससे सभी कालोनी निवासी इस आयोजन में उपस्थित होकर इसका लाभ ले सकें। आज दिनांक 7-9-2022 को प्रातः 8.00 बजे ऋग्वेद यज्ञ आरम्भ हुआ। यज्ञ के ब्रह्मा ऋषिभक्त आर्य विद्वान श्री शैलेश मुनि सत्यार्थी जी, हरिद्वार हैं। यज्ञ मे मंत्रोच्चार द्रोणस्थली कन्या गुरुकुल, देहरादून की छात्रायें एवं आचार्यायें कर रही हैं। यज्ञ के यजमान श्री प्रेम प्रकाश शर्मा जी व उनके पारिवारिकजन हैं। शर्मा जी प्रत्येक वर्ष अपने निवास पर सितम्बर महीने में वृहद यज्ञ एवं सत्संग का आयोजन करते हैं। इसी श्रृंखला में इस वर्ष का आयोजन किया गया है। यज्ञ की पूर्णाहुति आगामी रविवार दिनांक 11-7-2022 को दिन में लगभग 12.00 बजे […]

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रूढ़िवादी विचारों से आज़ाद नहीं हुआ ग्रामीण समाज

ममता देवी मुज़फ़्फ़रपुर, बिहार असमानताएं, रूढ़िवादी विचार, कुरीतियां, अतार्किक परंपराएं और कुप्रथाएं यह आज भी कुछ ऐसी लकीरें हैं जो भारत के सामाजिक और आर्थिक विकास में बाधक हैं. भारत दुनिया का इकलौता ऐसा देश है जो विविधताओं से भरा पड़ा है. सभी प्रांतों की वेशभूषा, रूप-रंग, रहन-सहन, भाषा-बोली और यहां तक कि खानपान आदि […]

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कमजोरों की अनदेखी करते रहने से समाज का कभी भला नहीं हो सकता

हर रिश्ते को संवेदना से जीने के लिये जरूरी है प्रेम एवं विश्वास। प्यार एवं विश्वास दिलों को जोड़ता है। इससे कड़वे जख्म भर जाते हैं। प्यार की ठंडक से भीतर का उबाल शांत होता है। हम दूसरों को माफ करना सीखते हैं। इनकी छत्रछाया में हम समूह और समुदाय में रहकर शांतिपूर्ण जीवन जी […]

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मनुष्य इतना क्रूर क्यों होता जा रहा है? कब थमेगा जीव-जंतुओं पर होने वाला अत्याचार ?

ललित गर्ग पशुओं के प्रति क्रूरता रोकथाम अधिनियम भारतीय संसद द्वारा 1960 में पारित एक अधिनियम है जिसका उद्देश्य पशुओं को दी जाने वाली अनावश्यक पीड़ा और कष्ट को रोकना है। पशुओं के साथ निर्दयता का अर्थ है मानव के अतिरिक्त अन्य पशुओं को नुकसान पहुँचाना या कष्ट देना। उत्तर प्रदेश के बदायूं में चूहे […]

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