बिखरे मोती अंहता – ममता में फंसा, ये सारा संसार। बदलो अहं की सोच को, मिले मुक्ति का द्वार॥1676॥ व्याख्या:- दृश्यम संसार अहंता और ममता में फंसा हुआ है, चाहे वह राजा है अथवा रंक हो। अहंता से अभिप्राय है -ममता से अभिप्रया है – जो इस शरीर से जुड़े हैं उनके प्रति आसक्ति भाव […]
अंहता – ममता कब मोक्ष दायिनी होती है