आचार्य डा.राधे श्याम द्विवेदी अयोध्यावास की लालसा:- राम करणामृतम(१/६३-६५) में अयोध्यावास की लालसा का वर्णन कुछ इस प्रकार किया गया है।यह अयोध्या दर्शन गीताप्रैस के पृष्ट 111 से उद्धित किया गया है। कदा वा साकेते विमल सरयू पुनीत पुलिने समासीन: श्रीमदरघुपतिपदाबजे हृदि भजन। अये राम स्वामिन जनक तनया बल्लभ विभो प्रसीदेति क्रोशन्नीमिषमिव नेष्यामि दिवसान।। कदा […]
अयोध्या का कल्पवास एक साधना है ?