वह विभूति में प्रकट होता है अमृतमय जीवन जीने की गीता शिक्षा हमको देती। त्रिगुणातीत रहो जीवन में – अनुपम संदेश हमको देती।। पृथक स्वयं को प्रकृति से मानो , जीवन का श्रंगार करो। विशुद्ध रूप में आकर अपने,आत्मा का परिष्कार करो।। श्री राम को गीता ने माना परम प्रतापी क्षत्रिय वीर पुरुष। गीता ने […]