अकर्मण्यता को लात मारी थी वेदों में श्रद्धा कृष्ण की, यह गीता बतलाती हमें। वेदों में सामवेद ‘मैं’ हूँ – कृष्ण का कथन बतलाती हमें ।। जीवन था उनका वेदमय , सब वेद उन्हें कंठस्थ थे। वेद के उपदेश और संदेश सब कृष्ण के ह्रदयस्थ थे।। ना किया कोई आचरण , जो वेद के प्रतिकूल […]