Categories
इतिहास के पन्नों से

बंकिमचंद्र चटर्जी की मजबूत लेखनी ने वंदे मातरम के माध्यम से दी थी स्वाधीनता संग्राम को अद्भुत शक्ति

  मृत्युंजय दीक्षित बंकिम चंद्र ने कुल 15 उपन्यास लिखे। इनमें से आनंदमठ, दुर्गेश नंदिनी, कपालकुंडला, मृणालिनी, चंद्रशेखर तथ राजसिंह आज भी लोकप्रिय हैं। आनंदमठ देवी चौधरानी तथा सीताराम पुस्तकों में उस समय की परिस्थिति का चित्रण है। वे बड़े ही सजग लेखक थे। भारत के स्वतंत्रता संग्राम को वंदेमातरम मंत्र ने अद्भुत शक्ति प्रदान […]

Categories
इतिहास के पन्नों से

महान क्रांतिकारी मंगल पांडे का बलिदान

8 अप्रैल/बलिदान-दिवस मंगल पाण्डे का बलिदान अंग्रेजी शासन के विरुद्ध चले लम्बे संग्राम का बिगुल बजाने वाले पहले क्रान्तिवीर मंगल पांडे का जन्म 30 जनवरी, 1831 को ग्राम नगवा (बलिया, उत्तर प्रदेश) में हुआ था। कुछ लोग इनका जन्म ग्राम सहरपुर (जिला साकेत, उ0प्र0) तथा जन्मतिथि 19 जुलाई, 1927 भी मानते हैं। युवावस्था में ही […]

Categories
इतिहास के पन्नों से

पी0 एन0 ओक महोदय की दृष्टि में क्या है ताजमहल का सच ?

  भारतवर्ष में हिंदू राजाओं, सम्राटों या शासकों के द्वारा बनाए गए ऐसे अनेकों ऐतिहासिक राजभवन किले हैं जिन्हें मुस्लिम शासकों द्वारा अपने शासनकाल में जबरन कब्जा कर लिया गया और उन पर अपना नाम अंकित करा दिया गया या इतिहास में यह लिखा दिया गया कि यह एक ऐतिहासिक भवन या इमारत अमुक मुस्लिम […]

Categories
इतिहास के पन्नों से

महात्मा प्रभु आश्रित का आदर्श जीवन और उनके कुछ प्रेरक विचार

ओ३म् ============ महात्मा प्रभु आश्रित जी आर्यसमाज के उच्च कोटि के साधक व वैदिक विचारधारा मुख्यतः अध्यात्म एवं यज्ञादि के प्रचारक थे। उनका जन्म 13 फरवरी, 1887 को जिला मुजफ्फरगढ़ (पाकिस्तान) के जतोई नामक ग्राम में श्री दौलतराम जी के यहां हुआ था। महात्मा जी के ब्रह्मचर्य आश्रम का नाम श्री टेकचन्द था। वानप्रस्थ आश्रम […]

Categories
इतिहास के पन्नों से

1857 की अप्रतिम योद्धा बेगम हजरत महल

7 अप्रैल/पुण्य-तिथि   1857 के स्वाधीनता संग्राम में जो महिलाएं पुरुषों से भी अधिक सक्रिय रहीं, उनमें बेगम हजरत महल का नाम उल्लेखनीय है। मुगलों के कमजोर होने पर कई छोटी रियासतें स्वतन्त्र हो गयीं। अवध भी उनमें से एक थी। श्रीराम के भाई लक्ष्मण के नाम पर बसा लखनऊ नगर अवध की राजधानी था। […]

Categories
इतिहास के पन्नों से

मैक्स मूलर के विचार परिवर्तन में महर्षि दयानंद का प्रभाव

मैक्समूलर के कुछ पत्र अपनी पत्नी, पुत्र आदि के नाम लिखे हुए उपलब्ध हुए हैं। पत्र-लेखक पत्रों में अपने हृदय के भाव बिना किसी लाग-लपेट के लिखता है। अतः किसी भी व्यक्ति के लिखे हुए ग्रन्थों की अपेक्षा उसके पत्रों में लिखे विचार अधिक प्रामाणिक माने जाते हैं। प्रारम्भिक विचार- मैक्समूलर के आरम्भिक काल में […]

Categories
इतिहास के पन्नों से भयानक राजनीतिक षडयंत्र

मजहब ही तो सिखाता है आपस में बैर रखना अध्याय – 8 ( 6 ) औरंगजेब आज भी हिंदुओं की नजरों में है खलनायक

    हिन्दुओं की दृष्टि में औरंगजेब आज भी खलनायक है यही कारण है कि वह इस्लाम के मानने वालों की दृष्टि में आज भी एक बहुत ही उत्कृष्ट कोटि का शासक है, जबकि उसके अत्याचारों को सहन करने वाले हिन्दुओं की दृष्टि में वह आज भी एक कट्टर असहिष्णु और अत्याचारी शासक है। भारत […]

Categories
इतिहास के पन्नों से

तीन उंगली कटाकर भागा

6 अप्रैल/इतिहास-स्मृति   शिवाजी महाराज के किलों में पुणे का लाल महल बहुत महत्त्वपूर्ण था। उन्होंने बचपन का बहुत सा समय वहाँ बिताया था; पर इस समय उस पर औरंगजेब के मामा शाइस्ता खाँ का कब्जा था। उसके एक लाख सैनिक महल में अन्दर और बाहर तैनात थे; पर शिवाजी ने भी संकटों से हार […]

Categories
इतिहास के पन्नों से

सत्य पथ के बलिदानी महाशय राजपाल

6 अप्रैल/बलिदान-दिवस   पूरे संसार को ‘दारुल इस्लाम’ बनाने का दुःस्वप्न देखने वाले कट्टरपंथी प्रायः अन्य धर्मावलंबियों की भावनाओं का अनादर कर अपनी संकीर्णता का परिचय देते रहते हैं। 1920 में लाहौर में कुछ मुसलमानों ने दो पुस्तकें प्रकाशित कीं। ‘कृष्ण तेरी गीता जलानी पड़ेगी’ में श्रीकृष्ण को चरित्रहीन बताते हुए उन पर भद्दी टिप्पणियां […]

Categories
इतिहास के पन्नों से

5000 साल से सोने वालो जागो

  बिजनौर जनपद में साधारण से दिखने वाले निहाल सिंह सरकारी चौकीदार थे। आपकी अनेक स्थानों पर बदली होती रहती थी। एक बार एक बड़े कस्बें में आपका तबादला हुआ। रात को पहरा देते हुए आप कहते थे “पांच हजार साल से सोने वालो जागो”। आपकी आवाज सुनकर लोग आश्चर्य में पड़ गए क्यूंकि उन्हें […]

Exit mobile version