ऐसी परिस्थितियों में अल्पसंख्यक लोगों की विशेष समस्या बनकर उभरी कि इनके जीवन को सुरक्षा प्रदान करने के लिए क्या उपाय किया जाए? सामान्यत: देखा गया है कि बाहरी देश नस्ल और संप्रदाय के लोगों को किसी दूसरे देश के निवासी अधिक सम्मान नहीं देते हैं। युगांडा जैसे कई अफ्रीकी देशों से एशियाई मूल के […]
Category: डॉ राकेश कुमार आर्य की लेखनी से
बात पहले आमचुनावों की है। तब उत्तर प्रदेश की रामपुर सीट से कांग्रेस के वरिष्ठ मुस्लिम नेता मौलाना अबुल कलाम आजाद पार्टी के प्रत्याशी थे। मौलाना आजाद नेहरू के निकटतम मित्रों में से थे। नेहरू अपने मित्र को हृदय से चाहते थे। उस समय उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पं. गोविन्द वल्लभ पंत थे। पंत एकसुलझे […]
भारत की संसद हो चाहे राज्यों के विधानमण्डल हों सभी में सांसदों या विधायकों की निरंतर अनुपस्थिति या बहुत कम संख्या में उपस्थिति चिंता का विषय बनी रही है। संसद और विधानमंडलों के प्रति हमारे जनप्रतिनिधियों की ऐसी उपेक्षा के कई कारण हैं। सर्वप्रथम तो हमारे जनप्रतिनिधि अब देश सेवा के लिए राजनीति में न […]
राजनेताओं से जनता निराश आज राजा और उसके चाटुकार सभी घोटालों में फंसे पड़े हैं। जनसेवा जीवन का उद्देश्य नहीं रह गयी है। जब राजा इस प्रकार का आचरण कर रहा हो तो प्रजा तो उसका अनुकरण करेगी ही। फलस्वरूप– चराजा की देखा–देखी जनता अपने राजधर्म से विमुख है, अपने राष्टरधर्म से विमुख है। चदेश […]
सर्वधर्म–समभाव का भ्रम-3 राकेश कुमार आर्य हमें चाहिए कि हम धर्म के वास्तविक अर्थों को समझें, ग्रहण करें और मानवीय समाज के शत्रु संप्रदायों के दानवी स्वरूप को त्यागें। किसी भी मजहब अथवा संप्रदाय की धर्म पुस्तकों की उन व्यर्थ बातों को भूलने और मिटाने का संकल्प लें जो सृष्टिïक्रम और विज्ञान के सिद्घांतों के […]
पीएम मोदी को मुस्लिम महिलाओं ने अपना मत दिया है? यह बात इस समय विशेषत: उत्तर प्रदेश के संदर्भ में इस प्रकार कही जा रही है कि जैसे मुस्लिम महिलाओं ने कोई अप्रत्याशित कार्य कर दिया हो। वास्तव में देश की परिस्थितियां ही ऐसी रही हैं कि यदि मोदी सरकार के किसी निर्णय के साथ […]
‘कटती गैया करे पुकार, बंद करो यह अत्याचार’-यह एक नारा था, जिसे भारत में गोभक्त लंबे समय से लगाते चले आ रहे थे। पर देश की सरकारें थीं कि गोभक्त और गोवंश को मिटाने पर लगी थीं। सर्वत्र हाहाकार मची थी। भारतीय गोभक्त संस्कृति का आंखों देखते-देखते सर्वनाश हो रहा था। अवैध बूचड़खानों की बाढ़ […]
उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाते हुए गंगा-यमुना को एक जीवित व्यक्ति के से अधिकार प्रदान किये हैं। जिससे इन दोनों नदियों को ‘लीगल स्टेटस’ मिल गया है। उच्च न्यायालय ने अगले 8 सप्ताह में गंगा प्रबंधन बोर्ड बनाने का आदेश भी केन्द्र सरकार को दिया है। उच्च न्यायालय का मानना है कि […]
योगी आदित्य नाथ ने भारत के उस उत्तर प्रदेश नामक प्रांत के मुख्यमंत्री पद का दायित्व संभाल लिया है, जो इस देश में जनसंख्या की दृष्टि से सबसे बड़ा प्रांत है और विश्व में जनसंख्या की दृष्टि से जिससे केवल छह देश ही बड़े हैं। सचमुच इसे बड़े प्रांत का मुख्यमंत्री बनना किसी देश के […]
दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल दिल्ली को दुर्दशाग्रस्त करने में कोई कमी नहीं छोड़ रहे हैं। दिल्ली की जनता उनके पीछे-पीछे बड़े-बड़े प्रश्न लिये घूम रही है और केजरीवाल हैं कि जनता की ओर न देखकर देश के अन्य प्रांतों की ओर देख रहे हैं। उन्होंने दिल्ली छोडक़र पंजाब भागने का मन बनाया, परंतु पंजाब की […]