ऋग्वेद में, कृण्वन्तो विश्वमार्यम् । (ऋ. ९/६३/५) सारे संसार को ‘आर्य’ बनाओ । मनुस्मृति में, मद्य मांसा पराधेषु गाम्या पौराः न लिप्तकाः। आर्या ते च निमद्यन्ते सदार्यावर्त्त वासिनः।। वे ग्राम व नगरवासी, जो मद्य, मांस और अपराधों में लिप्त न हों तथा सदा से आर्यावर्त्त के निवासी हैं, वे ‘आर्य’ कहे जाते हैं । वाल्मीकि […]
आर्य शब्द के प्रमाण