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आर्थिकी/व्यापार

आर्थिक असमानता को लेकर वैश्विक संस्था ऑक्सफैम की रिपोर्ट

– ललित गर्ग – वैश्विक संस्था ऑक्सफैम ने अपनी आर्थिक असमानता रिपोर्ट में समृद्धि के नाम पर पनप रहे नये नजरिया, विसंगतिपूर्ण आर्थिक संरचना एवं अमीरी गरीबी के बीच बढ़ते फासले की तथ्यपरक प्रभावी प्रस्तुति समय-समय पर देते हुए इसे संतुलित एवं समानतामय संसार-संरचना के लिये घातक बताया है। संभवतः यह एक बड़ी क्रांति एवं […]

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पर्यावरण

मानव स्वास्थ्य, स्वच्छता और पर्यावरण

जिसने है खुद को स्वच्छता से जोड़ा। उसने हरेक बीमारी से नाता है तोड़ा।। स्वच्छता मानव जीवन का सबसे महत्वपूर्ण भाग है। मानव को मानवता की ओर ले जाने का श्रेय स्वच्छता को जाता है क्योंकि यदि मानव के जीवन से स्वच्छता नामक विषय को निकाल दिया जाए तो वह पशु की श्रेणी में गिना […]

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कविता

मन के काले…

मन के काले से भला, तन का काला नेक। मन के काले में भरे, छल कपट अनेक॥ है छल-कपट अनेक, कभी ना धोखा खाना। इनका आदर मान, सांप को दूध पिलाना॥ चुपके-चुपके करते रहते, काम निराले। मौका पा डंस जायें, नाग ये मन के काले॥ (1) मन के काले बाहर से देते उपदेश। रग-रग में […]

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कविता

अब मुझको इग्नोर करो तुम

सूखी रोटी भात लिए हम कहां साथ में खा पायेंगे, पंच सितारों वाले हो जी; अब मुझको इग्नोर करो तुम, मैं झोपड़ियों की पीड़ा हूं कृंदन हों भूखे पेटों का, मुझे कहां सम्मान मिलेगा, साथ नहीं धनपति सेठों का, स्तुतियों के छंद लिखो तुम; खुद को आत्मविभोर करो तुम, पंच सितारों वाले हो जी; अब […]

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समाज हमारे क्रांतिकारी / महापुरुष

महर्षि दयानन्द जी का स्वकथित जीवनचरित्र , भाग 1

(सन् १८२४ ई० से १८७५; तदनुसार सं० १८८१ से १९३१ वि० तक) बचपन : वैराग्य: गृहत्याग व संन्यास मेरा वास्तविक उद्देश्य:देश-सुधार व धर्म-प्रचार- हमसे बहुत लोग पूछते हैं कि हम कैसे जानें कि आप ब्राह्मण हैं। आप अपने इष्टमित्र भाई बन्धुओं के पत्र मंगा दें अथवा किसी की पहचान बता दें ऐसा कहते हैं, इसलिए […]

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वैदिक संपत्ति

वैदिक सम्पत्ति – 307 वेदमंत्रों के उपदेश

(ये लेखमाला हम पं. रघुनंदन शर्मा जी की ‘वैदिक संपत्ति’ नामक पुस्तक के आधार पर सुधि पाठकों के लिए प्रस्तुत कर रहें हैं ) प्रस्तुतिः देवेन्द्र सिंह आर्य (चेयरमैन ‘उगता भारत’ गतांक से आगे…. इसीलिए वेद में युद्धविजय की बहुत प्रवल कामना का उपदेश है। यजुर्वेद में लिखा है कि- धन्वना गा घश्वनाजि जयेम धन्वना […]

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बिखरे मोती

संकल्प से हो दीक्षा, दीक्षा से पुरस्कार।

बिखरे मोती आत्मसुधार का क्रम क्या है?!- संकल्प से हो दीक्षा, दीक्षा से पुरस्कार। श्रध्दा होवे गी अटल, होगा आत्मसुधार॥2549॥ प्रभु- मिलन कैसे हो ? जितना जड़ता में रहे, उतना हरि से दूर। जड़ता अहं को त्याग दे, तो मिले नूर से नूर॥2550॥ ब्रह्माण्ड में सबसे अधिक पवित्र कौन है ? :- इस सारे ब्रहमाण्ड […]

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उगता भारत न्यूज़

राजा जैत सिंह की जयंती मनाई गई हर्षोल्लास से, निकाला गया विशाल जुलूस

ग्रेटर नोएडा। गुर्जर राजा जैत सिंह की जयंती के अवसर पर ग्राम बंबावड़ से आरंभ होकर चला विशाल जुलूस का समापन ग्राम सादुल्लापुर स्थित मुखिया मार्केट पर हुआ। विदित हो कि यह कार्यक्रम गुर्जर राजा जैतसिंह की जयंती के अवसर पर आयोजित किया गया। कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए कार्यक्रम के संयोजक जगत […]

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पुस्तक समीक्षा

कि आप शुतुरमुर्ग बने रहें

विवेक रंजन श्रीवास्तव – विनायक फीचर्स श्री शांतिलाल जैन को उम्दा, स्पर्शी व्यंग्य लिखने में महारत है। थोड़े थोड़े अंतराल पर आपकी प्रभावी किताबें व्यंग्य जगत में हलचल मचा रही हैं। कबीर और अफसर, न आना इस देश, मार्जिन में पिटता आदमी, वे रचनाकुमारी को नहीं जानते के बाद यह व्यंग्य संग्रह कि आप शुतुरमुर्ग […]

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कविता

इसीलिए ऋतुराज हमेशा तुम गांवों में आते हो,*

मुझे पता है तुम्हें शहर की भागदौड़ से मेल नहीं, इसीलिए ऋतुराज हमेशा तुम गांवों में आते हो, गीत फागुनी कौन सुनाए, यहां समय की लाचारी है, नौकरियों में बंधक हैं सब, हँसना गाना तक भारी है, यहां आम की बौर कहां तुम जिन छावोँ में आते हो, इसीलिए ऋतुराज हमेशा तुम गांवों में आते […]

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