अन्तकाल में ईश्वर चिंतन मन – वचन – कर्म के द्वारा जो आचरण पर ध्यान दिया करते। आत्मबोध उन्हें हो जाता है , सब उनको ही योगी कहा करते।। ‘धर्म – मेध’ समाधि के द्वारा ‘ब्रह्म – बोध’ उन्हें हो जाता है। रोग- शोक -भोग जितने जग के ,छुटकारा भी मिल जाता है।। योगज – […]