लेखक – आर्य सागर सृष्टा ने जिसे अनिश्वरवादी प्रकृति भी कह सकते हैं स्त्री व पुरुष शरीरों की पृथक पृथक रचना की। यह भिन्नता केवल शारीरिक स्वभावगत ही नहीं आंतरिक भी है। जो हार्मोन पुरुष को सुंदर सुडोल बनाते हैं वह स्त्री को कुरूप बीमार बना सकते हैं जो हार्मोन स्त्री को सुंदर स्वस्थ बनाते […]