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महत्वपूर्ण लेख

कार्बन उत्सर्जन में कमी के लिए विद्युत वाहनों के प्रयोग को बढ़ाने हेतु प्रयासरत है केंद्र सरकार

प्रह्लाद सबनानी यह कई अध्यनों के माध्यम से अब सिद्ध हो चुका है कि भारत में कार्बन उत्सर्जन के कुछ मुख्य कारणों में पेट्रोल एवं डीज़ल वाहनों द्वारा छोड़ी जा रही गैस भी शामिल है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में तो सर्दियों के मौसम के दौरान वातावरण में इतना कोहरा भर जाता है कि  लगभग 10 मीटर […]

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उगता भारत न्यूज़

धूम दादरी बाईपास पर कभी भी हो सकती है दुर्घटना : शासन-प्रशासन लगता है किसी बड़ी दुर्घटना की प्रतीक्षा में है

  विशेष संवाददाता दादरी ।दादरी से गाजियाबाद की ओर चलने पर करीब 2 किलोमीटर की दूरी पर धूम दादरी बाईपास शुरू होता है,जो कि धूम से प्रारंभ होकर दादरी के उत्तर से होता हुआ आगे चलकर चिटैहरा गांव के पूरब में उतरकर जीटी रोड में जाकर मिल जाता है। धूममानिकपुर जहां से यह बाईपास प्रारंभ […]

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पुस्तक समीक्षा

पुस्तक समीक्षा : श्रेष्ठ बाल एकांकी संचयन

‘श्रेष्ठ बाल एकांकी संचयन’ यह पुस्तक डॉ विमला भंडारी द्वारा लिखित है। जिसमें बालकों के लिए सरल भाषा में एकांकी संचयित की गई हैं। छोटी-छोटी नौटंकी के रूप में कुल 22 एकांकियों का संचयन किया गया है। लेखिका ने पुस्तक के लिए बहुत ही उत्तम एकांकियों का संचयन किया है। हर एक एकांकी का लेखक […]

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इतिहास के पन्नों से

भारत के अभेद्य किलों की कहानी

  किले हमारे अतीत के गौरव हैं। दुर्ग, द्वंद्व, गढ़, आदि भी इसके पर्याय हैं किंतु किले से मूल आशय था कि जिस जगह को कील की तरह स्थिर कर दिया गया हो अथवा जहां से नजर रखी जा सके। दुर्ग से आशय था जहां पहुंचना दुर्गम हो। गढ़ मूलत: गढने या बनाने का अर्थ […]

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पुस्तक समीक्षा

अवध यह समय नहीं अनुकूल

शैल शिखर से गिरतीं नदियाँ, वसुधा के आँचल में। उच्छृंखल अनियंत्रित जल को, कूल सहेजे पल में।। हाहाकार मचातीं लहरें, तोड़ रहीं निज कूल। अवध यह समय – नहीं अनुकूल।। माली ने भगवान सरिस ही, नन्हा बीज उगाया। मातु-पिता ज्यों पाल-पोशकर, खिलने योग्य बनाया।। फूलों ने पंखुड़ियों के सँग, छुपा रखा है शूल। अवध यह […]

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मुद्दा

वर्त्तमान भारतीय शैक्षणिक परिदृश्य

ज्योति शर्मा भारत में प्राचीन समय से ही शिक्षा को बहुत महत्व दिया गया है। प्राचीन समय में भारत में शिक्षा का उद्देश्य पवित्रता तथा जीवन की सद्भावना,चरित्र निर्माण ,व्यक्तित्व का विकास, नागरिक एवं सामाजिक कर्तव्यों का विकास और संस्कृति को सुरक्षित रखना था। शिक्षा प्राचीन समय से ही भारत देश में निरंतर बनी रही। […]

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आज का चिंतन

आर्य समाज का सार्वभौमिक कल्याणकारी लक्ष्य और उसकी पूर्ति में बाधाएं

ओ३म् =========== आर्यसमाज का उद्देश्य संसार में ईश्वर प्रदत्त वेदों के ज्ञान का प्रचार व प्रसार है। यह इस कारण है कि संसार में वेद ज्ञान की भांति ऐसा कोई ज्ञान व शिक्षा नहीं है जो वेदों के समान मनुष्यों के लिए उपयोगी व कल्याणप्रद हो। वेद ईश्वर के सत्य ज्ञान का भण्डार हैं जिससे […]

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उगता भारत न्यूज़

हिंदू साम्राज्य की नींव वीर शिवाजी ने डाली थी : अनिल आर्य

  वीर शिवाजी की 341 वीं पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि   गाजियाबाद,शनिवार 3 अप्रैल 2021,केन्द्रीय आर्य युवक परिषद ने हिन्दू साम्राज्य के जनक छत्रपति वीर शिवाजी की 341 वीं पुण्यतिथि पर ऑनलाइन श्रद्धांजलि अर्पित की। उल्लेखनीय है कि वीर शिवाजी का निधन 3 अप्रैल 1680 को रायगढ़ में हुआ था। केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के […]

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इतिहास के पन्नों से

फील्ड मार्शल मानेक्शा

3 अप्रैल/जन्म-दिवस फील्ड मार्शल मानेकशा 20वीं शती के प्रख्यात सेनापति फील्ड मार्शल सैमजी होरमुसजी फ्रामजी जमशेदजी मानेकशा का जन्म 3 अपै्रल 1914 को एक पारसी परिवार में अमृतसर में हुआ था। उनके पिता जी वहां चिकित्सक थे। पारसी परम्परा में अपने नाम के बाद पिता, दादा और परदादा का नाम भी जोड़ा जाता है; पर […]

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इतिहास के पन्नों से

इतिहासकार का कर्तव्य

◆ इतिहासकार का कर्तव्य… _”इतिहासकार का यह कर्तव्य है कि वह अपने पात्रों की आकांक्षाओं, भावनाओं और कारनामों का भी यथारूप चित्रण करे। यह तभी सम्भव है जब वह अपनी पहले से बनाई धारणाओं को एक ओर रख दे और इस बात की भी परवाह न करे कि उसके इस चित्रण से वर्तमान के हितों […]

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