मोदी सरकार को बने सात माह से ज्यादा हो गए लेकिन अभी तक देश में कोई खास बदलाव नहीं आया। सरकार की नाक के नीचे दिल्ली में बलात्कार की घटनाओं में काफी बढ़ोत्तरी हो गई। नेता लोग जरुर थोड़े डर गए हैं लेकिन जहां तक सरकारी कर्मचारियों का सवाल है, रिश्वत का हाल ज्यों का […]
Month: January 2015
शर्म जो इनको आती नहीं ..!!
मनीराम शर्मा हमारे सांसदों को मुफ्त का आवास, नौकर चाकर, दो दो सेक्रटरी , बिजली,पानी, फोन , वाहन भत्ता आदि लाखों रूपये प्रतिमाह की सुविधाएं जनता के खून पसीने की कमाई से मिलते हैं | मुफ्त का आवास सुलभ न हो तो पांच सितारा होटलों में ठहरते हैं और वहां क्या क्या करते हैं यह […]
किरण के आने से रोचक हुई जंग
सुरेश हिन्दुस्थानी दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए वैसे तो भाजपा पूरी तरह से इस बात को लेकर आश्वस्त दिखाई दे रही थी कि राज्य में नई सरकार उनकी ही पार्टी की बनेगी, कुछ संदेह था तो वह देश की प्रथम आईपीएस महिला किरण बेदी के भाजपा में शामिल होने के बाद दूर हो गया। ऐसा […]
श्री वेणीशंकर मु. वासु चरागाह पशुरक्षक व पशु-संवर्धन की जीवन-रेखा है। पशुधन इस देश के कृषि, व्यापार, उद्योग इत्यादि अनेक उपयोगी विषयों की आधारशिला है। सच तो यह है कि देश के धर्म, संस्कृति, कृषि, व्यापार, उद्योग, समृध्दि और सामाजिक व्यवस्था तथा जनता की शांति व सुरक्षितता की जीवन-रेखा देश के समृध्द चरागाह ही हैं। […]
पिछले लेख में हमने मौहम्मद बिन तुगलक के दोआब में कर वृद्घि की योजना पर प्रकाश डाला था। इसी प्रकार की अपनी कई योजनाओं के कारण मौहम्मद बिन तुगलक को इतिहास में कई लोगों ने महाविद्वान तो कई ने महामूर्ख माना है।तुगलक सदा भयाक्रांत रहामौहम्मद बिन तुगलक ने 1325 ई. में एक गहरे षडयंत्र के […]
रविकांत सिंह नितिन गडकरी का नाम सुनते ही ही लगता है कि एक सादगी पूर्ण जीवन शैली को अपनाकर देश की राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान बनाने वाले एक प्रभावशाली व्यक्तित्व की बात हो रही है। सचमुच सामाजिक न्याय और समानता के लिए जिस डगर को अपने राजनैतिक सफर के लिए नितिन गडकरी ने चुना उसने […]
डॉ. मयंक चतुर्वेदी ब्रह्माण्ड का सृजन और जीवन की उत्पत्ति यह लाखों वर्ष बीत जाने के बाद भी रहस्य बना हुआ है। इसे जानने के जितने भी प्रयास किए जाते हैं, खोजकर्ता उतने ही प्रकृति के रहस्य में समा जाते हैं। हर बार उनके मुख से यही शब्द निकलते हैं कि नेति नेति अर्थात न […]
श्री सेठ दामोदर स्वरुप ने डॉ राजेंद्र प्रसाद की अध्यक्षता में दिंनाक 19.11.1949 को संविधान सभा में बहस को आगे बढाते हुए आगे कहा कि महात्मा गाँधी ने अपने जीवनभर विकेन्द्रीयकरण की वकालत की है| आश्चर्य का विषय है उनके विदा होते ही हम इस बात को भूल गए हैं और राष्ट्रपति व केंद्र को […]
बात 1912 की है। भारत का एक नवयुवक सैन्फ्रासिस्को पहुंचा। सैन्फ्रासिस्को में उन दिनों बाहर से आने वाले लोगों पर रोक-टोक होने लगी थी। इसलिए इमीग्रेशन अधिकारी ने उस भारतीय युवक से पूछा-‘‘तुम यहां क्यों आये हो?’’युवक ने कहा-‘‘मैं पढऩे के लिए आया हूं।’’अधिकारी ने पुन: पूछा-‘‘क्या भारतवर्ष में पढऩे की सुविधा नही है?’’युवक ने […]
बिखरे मोती-भाग 82 गतांक से आगे….राग रहित को होत है,ब्रह्मवित का अहसास।जैसे मिटते ही तिमिर के,प्रकट होय प्रकाश ।। 856 ।। ब्रह्मवित-ब्रह्म को जानने वाला उसमें अभिन्न भाव से स्थित होने वाला किंतु इस अवस्था को प्राप्त होकर भी अभिमान न करने वाला, सदा सौम्य बना रहने वाला।व्याख्या : संसार से राग मिटते ही ब्रह्म […]