Categories
इतिहास के पन्नों से

मेवाड़ के महाराणा और उनकी गौरव गाथा : लेखकीय निवेदन, भाग – 2

रानी पद्मिनी का जौहर ऊपर यह स्पष्ट कर चुके हैं कि मेवाड़ में सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण जौहर राणा रतनसिंह के शासनकाल में अलाउद्दीन खिलजी के आक्रमण के समय 1303 ई0 में रानी पद्मिनी के नेेतृत्व में किया गया । अलाउद्दीन ने उस समय रानी पद्मिनी को प्राप्त करने के अनेक यत्न किए थे। परंतु अनेक प्रयत्नों के उपरांत भी […]

Categories
डॉ राकेश कुमार आर्य की लेखनी से

भारत का संविधान, संविधान सभा और गणतंत्र

डॉक्टर अंबेडकर के बारे में यह बात बड़ी प्रमुखता से स्थापित की गई है कि उन्होंने भारत का संविधान बनाया था। जबकि यह बात सिरे से ही गलत है ।जिसे उन्होंने स्वयं ने ही अपने जीवन काल में भरी पार्लियामेंट के भीतर खारिज कर दिया था। वे नहीं चाहते थे कि देश में बाबा छाप […]

Categories
इतिहास के पन्नों से

25 मानचित्रों में भारत के इतिहास का सच, भाग ……25 ( क )

अंग्रेजों का भारत पर राज जो जितने वेग से दबाया जाता है वही एक दिन उतने ही वेग से ऊपर उठता भी है। इसे प्रकृति का सनातन सत्य कहा जाता है। अतः।इसी सनातन सत्य का सहारा लेकर भारत सदियों तक संघर्ष करता रहा और उसने 1857 की क्रांति के पश्चात तेजी से उठना आरंभ किया। […]

Categories
इतिहास के पन्नों से

महाजनपद काल – एक सम्पूर्ण यात्रा (भाग-12)-चेदि महाजनपद

उगता भारत ब्यूरो चेदि या चेति महाजनपद- *पौराणिक 16 महाजनपदों में से एक था। *यह शुक्तिमती नदी के पास का देश था, जिसमें बुंदेलखंड का दक्षिणी भाग और जबलपुर का उत्तरी भाग सम्मिलित था। *बौद्ध ग्रंथों में जिन सोलह महाजनपदों का उल्लेख है उनमें यह भी था। कलिचुरि वंश ने भी यहाँ राज्य किया। *किसी […]

Categories
हमारे क्रांतिकारी / महापुरुष

“नफरत” का शिकार बने लाल बहादुर शास्त्री जी के बलिदान दिवस पर…..

आज देश के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी की पुण्यतिथि है। इस तिथि को लेकर भी कई प्रकार के वैसे ही प्रश्न हमारे मन मस्तिष्क में हर वर्ष उभरते हैं जैसे नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मृत्यु को लेकर उनकी तथाकथित मृत्यु तिथि 18 अगस्त पर उभरते हैं। उस समय के सोवियत संघ के […]

Categories
Uncategorised

अयोध्या के प्राचीन और नवीन प्रवेशद्वारों का परिचय

डा. राधे श्याम द्विवेदी अयोध्या का क्षेत्रफल 12 योजन अर्थात 84 किलोमीटर लंबा और तीन योजन अर्थात 21 किमी. चौड़ा है. इसके उत्तरी छोर पर सरयू और दक्षिणी छोर पर तमसा नदी अवस्थित हैं. इन दोनों नदियों के बीच की औसत दूरी लगभग 20 किलोमीटर है. माना जाता है कि अयोध्या शहर मछली के आकार […]

Categories
इतिहास के पन्नों से

महाजनपद काल – एक सम्पूर्ण यात्रा (भाग-11)-वज्जि महाजनपद

उगता भारत ब्यूरो वज्जि या वृजि प्राचीन भारत के 16 महाजनपदों में से एक था।यह महाजनपद मगध के उत्तर में स्थित था।कई छोटे राज्यों को मिलाकर इसकी उत्पत्ति हुई थी,यह संघ आठ कुलों के संयोंग से बना और इनमें चार (विदेह, ज्ञातृक, वज्जि और लिच्छवि) कुल अधिक प्रमुख थे । इसकी राजधानी वैशाली थी। वज्जि […]

Categories
इतिहास के पन्नों से

25 मानचित्रों में भारत के इतिहास का सच, भाग ……25

मराठा साम्राज्य शिवाजी ने कुछ मवाले सैनिकों के साथ उबरखिंद की लड़ाई में शाहिस्ता खान के एक सरदार कलतल्फ खान को हराया। औरंगजेब ने अपने मामा शाहिस्ता खान को बादीबागम साहिबा, आदिशाही सल्तनत के अनुरोध पर 1,50,000 से अधिक शक्तिशाली सेना के साथ भेजा। अप्रैल 1663 में छत्रपति शिवाजी ने व्यक्तिगत रूप से लाल महल […]

Categories
इतिहास के पन्नों से

25 मानचित्रों में भारत के इतिहास का सच, भाग ……24

महाराणा राज सिंह का मनोबल और औरंगजेब महाराणा राज सिंह ने सत्ता प्राप्ति के लिए संघर्ष कर रहे औरंगजेब को शाहजहां के विरुद्ध सहायता मांगने के उपरांत भी सहायता नहीं दी थी। महाराणा ने इस समय साहस का परिचय देते हुए रामपुरा क्षेत्रफल उल्टे अधिकार और कर लिया था। उस समय जयपुर के राजा जयसिंह […]

Categories
इतिहास के पन्नों से

25 मानचित्रों में भारत के इतिहास का सच, भाग ……23

मुगल काल में भारत भारत पर मुगलों का वास्तविक शासन 1526 ई0 से लेकर 1707 ई0 तक अर्थात बाबर से औरंगजेब के अंत तक रहा। इसमें भी अधिकांश इतिहासकारों का कहना है कि 1556 में जब अकबर गद्दी पर बैठा तो भारतवर्ष में मुगल वंश की स्थापना वास्तविक अर्थों में उसी समय हुई। इस प्रकार […]

Exit mobile version
kolaybet giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
kolaybet giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark güncel giriş
betgaranti giriş
betpark giriş
vdcasino