गतांक से आगे … ऋषि देवता और छन्दादि तथा सूक्त, अध्याय और मण्डल आदि की आलोचना के बाद अब वेदों के अर्थो की – भावो की बात सामने आती है। क्योंकि अर्थो अर्थात् भाष्यों के ही द्वारा जाना जाता है कि वेदों में किन विषयों का वर्णन है। परन्तु अव तक जितने वेदों के भाष्य […]