तुम ही मेरे मंदिर तुम ही मेरी पूजा….. पिता एक बगिया, पिता है सहारा। कुशल शिल्पकार बन हमको संवारा।।…… ज्योति अलौकिक होता पिता है, हमारे सभी दुख खोता पिता है। नभ से भी ऊंची पिता की मुरादें, जिसने भी समझा चमका सितारा……..१ श्रवण कुमार ने करी थी साधना, राम ने पूरी समझी भावना। चक्र सुदर्शन […]
पिता एक बगिया, पिता है सहारा।