-प्रो. कुुसुमलता केडिया इस सन्दर्भ में कतिपय तथ्यों को याद कर लेना उचित होगा। अभी जो करों का ढाँचा है, वह दुनियाभर में 100 साल पुराना है। भारत में इंग्लैंड द्वारा भारत में बनाए गए कानूनों की निरंतरता में अधिकांश नीतियाँ जारी रखी गई हैं। यद्यपि ये नीतियाँ इंग्लैंड द्वारा स्वयं अपने देश इंग्लैंड में […]
Author: डॉ॰ राकेश कुमार आर्य
लेखक सुप्रसिद्ध इतिहासकार और भारत को समझो अभियान समिति के राष्ट्रीय प्रणेता है
अल्लाह के इस्लाम और मुल्ला के इस्लाम के बीच जब यह गुप्त समझौता हुआ तो उसके पश्चात इन गुंडों में से जो बादशाह ,सुल्तान या सेनापति बने उन्होंने संसार में कत्लेआम का ऐसा इतिहास लिखा जो केवल और केवल मजहबी जुनून, मजहबी उन्माद और कट्टर सांप्रदायिकता का वह इतिहास है जिसमें सर्वत्र मानवता की लाश […]
अजय कुमार सवालों से किसान नेता इसलिए नहीं बच सकते, क्योंकि वे अपने समर्थकों को इसके लिए खुद ही उकसा रहे थे कि दिल्ली पुलिस की ओर से तय शर्तों की परवाह न की जाए। वे इससे भी लगातार आंखें मूंदे रहे कि आंदोलन में किस तरह खालिस्तानी तत्व सक्रिय होते जा रहे हैं। देश […]
मां का हमारे जीवन में अमूल्य योगदान है । संसार के जितने भर भी महापुरुष हुए हैं उनके निर्माण में सबसे बड़ा योगदान मां का रहा है। जो महापुरुष युगधारा को परिवर्तित करते हैं और इतिहास को मोड़ने की क्षमता रखते हैं उन सबके निर्माण में मां का विशेष योगदान रहा है । इस प्रकार […]
#डॉ_विवेक_आर्य आज पंजाब नेशनल बैंक देश के प्रमुख बैंकों में से एक है। PNB की स्थापना प्रसिद्द आर्यसमाजी नेता एवं शेरे-पंजाब लाला लाजपत राय द्वारा 19 अप्रैल1895 को लाहौर के प्रसिद्द अनारकली बाजार में हुई थी। इस बैंक की स्थापना करने वालों में लाला हरकिशन लाल (पंजाब के प्रथम उद्योगपति), दयाल सिंह मजीठिया (ट्रिब्यून अख़बार […]
इतिहास पुनर्लेखन के यक्ष प्रश्न?
‘दैनिक ट्रिब्यून’ में मेरी पुस्तक ‘भारत के स्वर्णिम इतिहास के कुछ पृष्ठ’ – की समीक्षा. शक्ति वर्मा ‘भारत के स्वर्णिम इतिहास के कुछ पृष्ठ’ पुस्तक इतिहास के पुनर्लेखन की एक कोशिश के रूप में प्रस्तुत की गई है। भारत में एक वर्ग है जो मानता है कि देश के इतिहास के साथ न्याय नहीं किया […]
26 जनवरी को जब राष्ट्र अपना 72 वां गणतंत्र दिवस मना रहा था, तब किसान के रूप में राष्ट्र विरोधी शक्तियों ने जो तांडव देश की राजधानी दिल्ली में मचाया वह बहुत ही शर्मनाक था। राष्ट्र विरोधी शक्तियों की सोच थी कि प्रधानमंत्री श्री मोदी इन तथाकथित किसानों पर लाठी प्रहार करवाएं और इनमें से […]
जे. पी. शुक्ला प्रधानमंत्री किसान सम्पदा योजना (पीएमकेएसवाई) के तहत 32 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। यह परियोजना लगभग 17 राज्यों में फैली हुई है, जिसमें लगभग 406 करोड़ का निवेश है। ये परियोजनाएँ प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के सृजन की परिकल्पना करती हैं, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में। केंद्रीय क्षेत्र योजना- कृषि-समुद्री प्रसंस्करण और […]
एक न्यूज़ चैनल के एंकर महोदय कल शाम एक कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल के आगामी चुनाव के संदर्भ में कह रहे थे कि वहां जिस प्रकार ‘जय श्री राम’ के नारे पर राजनीति हो रही है , उससे लगता है कि यह चुनावी युद्ध न होकर ‘धर्म युद्ध’ हो गया है । एंकर महोदय का […]
समय के आगे बढ़ने के साथ मनुष्यों के ज्ञान के बढ़ने की बात आते ही हमें माण्डुक्य उपनिषद की याद आ जाती है। अथर्ववेद का ये उपनिषद आकार में सबसे छोटे उपनिषदों में गिना जाता है। इसके साथ ही ये उपनिषद सबसे अधिक विवादों की जड़ में रहा उपनिषद भी है। ये मुक्तिका के 108 […]