…. सदा सुगन्ध वसन्ती भाती रहे सत्यम शिवम सुंदरम को जो समाहित करे। वसंत होता वही जो सर्वस्व निज परहित धरे।। वसंत ऋतुराज है और जीवन का सुंदर गीत है। वसंत अमृत तुल्य है और जीवन का मेरे मीत है।। विधाता के संविधान का उत्कृष्ट जो विधान है। वसंत कहते उसे जो करे पीर का […]
सदा सुगंध बसंती भाती रहे