(ये लेखमाला हम पं. रघुनंदन शर्मा जी की ‘वैदिक संपत्ति’ नामक पुस्तक के आधार पर सुधि पाठकों के लिए प्रस्तुत कर रहें हैं ) प्रस्तुति: देवेन्द्र सिंह आर्य (चेयरमैन ‘उगता भारत’ ) वेदमन्त्रों के उपदेश गतांक से आगे… -इसी शरीरप्रकरण के आगे लिखा है कि- मूर्धानमस्य संसीव्याथर्वा हृदयं च यत् । मस्तिष्कादूर्ध्वः प्रैरयत् पवमानोऽधि शीर्षतः […]