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इतिहास के पन्नों से

आखिर है ही क्या हिंदू?*

स्वामी धर्मबंधु कुछ लोग हिन्दू शब्द को ऋग्वेद में ढूंढ़ने का बौद्धिक विलास जैसा करते हैं, परन्तु वेद और उसके अंग में जैसे ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद,अथर्ववेद, आयुर्वेद, धनुर्वेद, गन्धर्ववेद, अर्थवेद, ऐतरेय ब्राह्मण, शतपथ ब्राह्मण, ताण्ड्य ब्राह्मण, साम ब्राह्मण, विंश ब्राह्मण, गोपथ ब्राह्मण या किसी १०२७ वेद की शाखाओ में हिन्दू शब्द उपलब्ध नही है । […]

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भौतिकवेता अल्बर्ट आइंस्टीन और भारत की प्राचीन शिक्षा पद्धति*

आर्य सागर खारी🖋️ आधुनिक भौतिकी के संस्थापकों में से एक महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टाइन का साक्षात्कार ले रहे विज्ञान संवादाता पत्रकार ने जब आइंस्टाइन से पूछा———–। सर क्या आप ध्वनि का वेग जानते हैं कितना है? आइंस्टाइन ने कुछ देर मौन होकर जो जवाब दिया वह आधुनिक विश्वविद्यालयी शिक्षा को आईना दिखाने के लिए काफी […]

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मेवाड़ के महाराणा और उनकी गौरव गाथा अध्याय – 2( क) 24 युद्धों का विजेता : रावल खुमाण सिंह

24 युद्धों का विजेता : रावल खुमाण सिंह बप्पा रावल ने शौर्य और साहस के साथ मां भारती की सेवा करते हुए और अपने राष्ट्रभक्ति पूर्ण कार्यों का कीर्तिमान स्थापित किया था। बप्पा रावल ने ऐसा करके मानो आने वाले भविष्य का आगाज दे दिया था। उसके परिश्रम और पुरुषार्थ का ही परिणाम था कि […]

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मेवाड़ के महाराणा और उनकी गौरव गाथा अध्याय – 1 ( ख ) गुहिल वंश का वास्तविक संस्थापक

गुहिल वंश का वास्तविक संस्थापक गुहिलादित्य या गुहिल को गुहिल वंश का संस्थापक माना जाता है । पर अपने शौर्य और पराक्रम से अपनी वीरता की धाक जमाने वाला बप्पा रावल ही गुहिल वंश का वास्तविक संस्थापक है। बप्पा रावल के गुरु हारीत ऋषि थे। बप्पा रावल के द्वारा ही उदयपुर के उत्तर में कैलाशपुरी […]

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प्राचीन भारत में राज व्यवस्था से किसानों के स्वास्थ्य को सुधारने के लिए गांवों को मिलता था ,अनुग्रह व परिहार धन*

आर्य सागर खारी 🖋️ आचार्य कौटिल्य ने अर्थशास्त्र ग्रंथ के दूसरे अधिकरण अध्यक्ष प्रचार में…. भारतवर्ष के अन्नदाता किसान के स्वास्थ्य को सुधारने के लिए लिए ग्राम स्तर पर दो व्यवस्थाएं स्थापित की थी आज से हजारों वर्ष पहले| आचार्य चाणक्य की मान्यता यह थी राजा (प्रधानमंत्री) किसानों के कुशल क्षेम उनकी फसल की उपज […]

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महाजनपद काल – एक सम्पूर्ण यात्रा (भाग-15)-अवंती महाजनपद

उगता भारत ब्यूरो *अवंती, पौराणिक 16 महाजनपदों में से एक था। *आधुनिक मालवा का प्रदेश जिसकी राजधानी उज्जयिनी और महिष्मति थी। *यह महाजनपद दो भागों में विभाजित था। *उत्तरी भाग की राजधानी उज्जयिनी और दक्षिणी भाग की राजधानी महिष्मति थी। *उज्जयिनी (उज्जैन) मध्य प्रदेश राज्य का एक प्रमुख शहर है। प्राचीन संस्कृत तथा पाली साहित्य […]

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मेवाड़ के महाराणा और उनकी गौरव गाथा अध्याय – 1 (क) रावल बप्पा (काल भोज)

रावल बप्पा (काल भोज) भारत के क्रांतिकारी और रोमांचकारी स्वाधीनता संग्राम को अपने बाहुबल और बुद्धि बल से सुशोभित करने वाले बप्पा रावल हम सबके लिए प्रातःस्मरणीय हैं। उन्होंने समकालीन इतिहास को नई दिशा और नई ऊंचाई प्रदान की। जिस समय विदेशी आक्रमणकारियों के लुटेरे दल गिद्धों की भांति भारत भूमि पर उतर रहे थे, उस […]

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आचार्य कौटिल्य (चाणक्य) ,की अंतर्देशीय गुप्तचर व्यवस्था*|

आचार्य कौटिल्य ने राष्ट्र की अंदरूनी व्यवस्था के लिए आंतरिक गुप्तचर व्यवस्था को बहुत जरूरी बताया है| आचार्य कौटिल्य की मान्यता यह है कि किसी राष्ट्र को शत्रु देश के साथ-साथ उस देश की आंतरिक नागरिक वर्ग से भी खतरा होता है…| ऐसे नागरिकों को उन्होंने राष्ट्र कंटक से उच्चारित किया है.. जो राष्ट्र के […]

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क्या आप जानते हैं ? लोहडी पंजाबी हिन्दुओं का प्रमुख त्योहार है ?

लोहड़ी का पर्व एक राजपूत योद्धा दुल्ला भट्टी कि याद में पुरे पंजाब और उत्तर भारत में मनाया जाता है , लोहड़ी की शुरुआत के बारे में मान्यता है कि यह राजपूत शासक दुल्ला भट्टी द्वारा गरीब कन्याओं सुन्दरी और मुंदरी की शादी करवाने के कारण शुरू हुआ है. दरअसल दुल्ला भट्टी पंजाबी आन का […]

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महमूद गजनवी और पाकिस्तान

-पुरुषोत्तम [पाकिस्तान ने अपनी मिसाइल का परीक्षण किया। इस मिसाइल का नामकरण पाकिस्तान ने गजनवी किया हैं। महमूद गजनवी आक्रमणकारी था जिसने भारत के जिस भूभाग पर सर्वप्रथम आक्रमण किया था वह भाग आज पाकिस्तान का भाग हैं। आज जो पाकिस्तान के मुसलमान है कभी उन्हीं के हिन्दू पूर्वजों को गजनवी ने अपनी तलवार के […]

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