डॉ राकेश कुमार आर्य एक बीज को आप धरती में बोते हैं तो अनेक ढेले उसके ऊपर आ पड़ते हैं। उन ढेलों की जिद होती है कि हम तुझे बाहर नहीं निकलने देंगे। उधर बीज की प्रतिभा कहती है कि तुम चाहे जितने पहले बैठा लो, मुझे फूट कर बाहर निकलना ही है। बीज मिट्टी […]
डॉ राकेश कुमार आर्य एक बीज को आप धरती में बोते हैं तो अनेक ढेले उसके ऊपर आ पड़ते हैं। उन ढेलों की जिद होती है कि हम तुझे बाहर नहीं निकलने देंगे। उधर बीज की प्रतिभा कहती है कि तुम चाहे जितने पहले बैठा लो, मुझे फूट कर बाहर निकलना ही है। बीज मिट्टी […]
देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा अब जातीय गौरव का तमाशा बन चुकी है। जैसे ही रिज़ल्ट आता है, प्रतिभा और मेहनत को धकिया कर जाति, धर्म और ‘किसान की झोपड़ी’ की स्क्रिप्ट सोशल मीडिया पर दौड़ने लगती है। एसी कमरों में पढ़ने वाले अब खुद को किसान का बेटा घोषित करते हैं, ताकि संघर्ष बिके। […]
ललित गर्ग डॉनल्ड ट्रंप के अमेरिका के राष्ट्रपति पद संभालने के बाद सौ से अधिक अवैध भारतीयों के पहले बैच को अपराधियों की तरह अपमानजनक तरीके से भारत भेजा गया है। सितम्बर- 2024 तक सालभर में अवैध रूप से अमेरिका जाने की कोशिश में 90 हजार से अधिक लोग पकडे़ गये थे। ये लोग अपनी […]
दयानन्द ने विद्या प्राप्त करने की प्रेरणा अनेक स्थलों पर दी है। – अविद्या का नाश और विद्या की वृद्धि करनी चाहिए। – विद्या का जो पढ़ना-पढ़ाना है यही सबसे उत्तम है। – स्वाध्याय (पढ़ना) और प्रवचन (पढ़ाना) का त्याग कभी नहीं करना चाहिए। – विद्यादि शुभ गुणों को प्राप्त करने के प्रयत्न में अत्यंत […]
मनमोहन कुमार आर्य शिक्षा देने व विद्यार्थियों को शिक्षित करने से अध्यापक को शिक्षक तथा शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को शिष्य कहा जाता है। आजकल हमारे शिक्षक बच्चों को अक्षर व संख्याओं का ज्ञान कराकर उन्हें मुख्यतः भाषा व लिपि से परिचित कराने के साथ गणना करना सिखाते हैं। आयु वृद्धि के साथ साथ […]
– पूनम कुमारी पटना, बिहार इस वर्ष की शुरुआत में शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी यूडीआईएसई प्लस (Unified District Information System for Education) डेटा के अनुसार 2023-24 में स्कूलों में दाखिले की संख्या में करीब 37 लाख की कमी दर्ज की गई है. सबसे अधिक माध्यमिक स्तर पर करीब 17 लाख नामांकन में कमी पाई गई […]
भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की समस्या हमेशा ध्यान देने की मांग करती रही है. हालांकि समय के साथ इसमें काफी सुधार हुआ है, लेकिन स्थिति अभी भी उतनी संतोषजनक नहीं है जितनी होनी चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों में शैक्षिक बुनियादी ढांचे की कमी, शिक्षकों की कमी, शैक्षिक संसाधनों का अभाव और कमजोर सामाजिक परिवेश […]
विभिन्न शैक्षिक सुधारों और नीतियों के बावजूद, भारत की स्कूली शिक्षा प्रणाली को बहुआयामी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। भारत की स्कूली शिक्षा प्रणाली में महत्त्वपूर्ण बदलाव हुए हैं, जो लंबे समय तक चलने वाले शैक्षणिक पथ और सैद्धांतिक ज्ञान और व्यावहारिक कौशल के बीच की खाई के कारण चुनौतियों का सामना कर […]
मनुष्य एक ज्ञानवान प्राणी होता है। मनुष्य के पास जो ज्ञान होता है वह सभी ज्ञान स्वाभाविक ज्ञान नहीं होता। उसका अधिकांश ज्ञान नैमित्तिक होता है जिसे वह अपने शैशव काल से माता, पिता व आचार्यों सहित पुस्तकों व अपने चिन्तन, मनन, ध्यान आदि सहित अभ्यास व अनुभव के आधार पर अर्जित करता है। मनुष्य […]
(✍️बृजेश सिंह तोमर) 👉भारत की महान सभ्यता, जिसकी नींव गुरुकुल शिक्षा पद्धति पर टिकी थी, आज पश्चिमी शिक्षा प्रणाली के दबाव में अपनी पहचान खोती जा रही है। एक समय था जब गुरु शिष्य को न केवल शिक्षा देते थे, बल्कि उसे जीवन जीने की कला, संस्कृति, और संस्कारों से भी अवगत कराते थे। लेकिन […]