परमात्मा से सम्बद्धता के साथ कमाई गई सम्पदा का क्या प्रभाव होता है? परमात्मा की सम्बद्धता के साथ सम्पदा कैसे कमाई जाती है? सनादेव तव रायो गभस्तौ न क्षीयन्ते नोप दस्यन्ति दस्म।द्युमाँ असि क्रतुमाँ इन्द्र धीरः शिक्षा शचीवस्तव नः शचीभिः।। ऋग्वेद मन्त्र 1.62.12 (कुल मन्त्र 722) (सनात्) प्राचीन समय से (एव) केवल (तव) आपका (रायः) […]