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महत्वपूर्ण लेख

हेट-स्पीच पहले परिभाषित तो करें!

(भारत में दशकों से आम दृश्य है कि विशेष समूहों, दलों की ओर से जाति, वर्ग, धर्म, आदि संबंधित कितने भी उत्तेजक भाषण क्यों न हों, उस पर तीनों शासन अंग चुप रहते हैं। जैसे, ब्राह्मणों के विरुद्ध अपशब्द कहना आज एक फैशन है जिस में हमारे सभी राजनीतिक दल शामिल हैं। हमारे देवी-देवताओं को […]

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आज का चिंतन

पूर्णमासी के अवसर पर पाक्षिक यज्ञ संपन्न: ईश्वर, जीव, प्रकृति की तरह आकाश, काल और दिशा भी अनादि हैं : देवेंद्र सिंह आर्य

ग्रेनो। आज पूर्णिमा और चंद्र ग्रहण के पावन अवसर पर पाक्षिक यज्ञ महर्षि दयानंद वाटिका में संपन्न किया गया। इस अवसर पर सत्य सनातन संस्कृति रक्षा समिति के संरक्षक श्री देवेंद्र सिंह आर्य ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि जिस प्रकार ईश्वर जीव और प्रकृति तीनों अनादि हैं उसी प्रकार दिशा, काल और […]

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इतिहास के पन्नों से

मालवा अंचल का शिक्षा और कला का ऐतिहासिक गौरव : सरस्वती प्रकट स्थल “भोजशाला”

मालव अर्थात लक्ष्मी का निवास ‘मालवा’ अपनी अनेकानेक भौगोलिक , सांस्कृतिक और ऐतिहासिक खूबियों के कारण विश्व प्रसिद्ध है। इन प्रसिद्धियों में चार चांद लगाती है धार स्थित भोजशाला। जिसे सरस्वती मंदिर, भोज का कमरा, मध्य प्रदेश की अयोध्या और ज्ञान की देवी सरस्वती का प्रकट स्थल आदि नामों से भी पुकारा जाता है। भोज […]

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इसलाम और शाकाहार

खसम खानी मुस्लिम औरत !

क्षमा करिये यह शीर्षक महिलाओं का अपमान करने या उनको गाली देने के लिए नहीं रखा गया है , बल्कि पाकिस्तानी महिला की राक्षसी करतूत को उजागर करने के लिए चुना गया है , हिंदी में पति की हत्या करने वाली औरत को गाली के रूप में ” खसम खानी ” कहा जाता है , […]

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मुद्दा

बीजेपी कर्नाटक विधानसभा चुनाव जीतना क्यों समझती अपने लिए खास ?

प्रणब ढल सामंता ऊपरी तौर पर कर्नाटक चुनाव बीजेपी के लिए ऐसे राज्य में सत्ता में वापसी की चुनौती जैसा लगता है, जिसने निकट भविष्य में किसी सत्तारूढ़ दल को दोबारा सत्ता नहीं सौंपी है। वहीं, कांग्रेस के लिए यह हिमाचल प्रदेश में मिली जीत के बाद ऐसा एक और मौका है, जब वह लगातार […]

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शिक्षा/रोजगार

समाज की सोच को बदलती लड़कियां

सपना कुमारी मुजफ्फरपुर, बिहार लड़कों पर नाज करने वाला समाज अब लड़कियों की कामयाबी पर गर्व महसूस कर रहा है. जिन्होंने अपनी मेहनत, जुनून और जज्बे से पितृसत्तात्मक समाज की उस धारणा को ध्वस्त किया है कि महिलाएं पुरुषों से कमजोर और कम प्रतिभाशाली होती हैं. आज कोई ऐसा क्षेत्र नहीं है, जिसमें लड़कियों ने […]

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संपादकीय

चार्ल्स डार्विन नहीं, हमें आचार्य कपिल चाहिए

कुछ दिन पूर्व एनसीईआरटी के द्वारा लिया गया यह निर्णय बहुत ही सराहनीय था कि अब एनसीईआरटी कक्षा 10 की किताब से प्रसिद्ध वैज्ञानिक चार्ल्स डार्विन से जुड़े विकासवाद के सिद्धांत को हटाया जाएगा। एनसीईआरटी की संबंधित पुस्तक में हुए इस बदलाव के बाद बड़ी संख्या में अध्यापकों और वैज्ञानिकों ने इसका विरोध किया। इसके […]

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महत्वपूर्ण लेख

कितना सुरक्षित है हिंदू का अस्तित्व ?

हिन्दू अस्तित्व? भारत में सबसे सम्पन्न और सक्षम होते हुए भी हिन्दू चुप है। अभी कुछ दिन पहले राजस्थान सरकार ने पाकिस्तान से आए हिंदुओं की झोपड़ियों पर बुलडोजर चलवा दिया। केरल के लव जेहाद प्रसिद्ध हैं। रामनवमी की शोभा यात्रा पर पत्थरबाजी नई नहीं है। 1 साल पहले बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई ओक्या परिषद […]

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आर्थिकी/व्यापार

क्या महत्त्वहीन हो रहा है आंगनबाड़ी का लक्ष्य?

दौलत राम उदयपुर, राजस्थान गर्भवती महिलाओं और 6 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को कुपोषण से बचाने और उन्हें स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 1975 में देश भर में आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थापना की गई थी. छोटे बच्चों को बेसिक शिक्षा प्रदान करने और गर्भवती महिलाओं को स्वस्थ रखने वाली यह एक […]

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समाज

लैंगिक असमानता झेलती किशोरियां

हेमा रावल गनीगांव, उत्तराखंड प्रत्येक बच्चे का अधिकार है कि उसे उसकी क्षमता के विकास का पूरा मौका मिले. लेकिन समाज में लैंगिक असमानता की फैली कुरीतियों की वजह से ऐसा संभव नहीं हो पाता है. भारत में लड़कियों और लड़कों के बीच न केवल उनके घरों और समुदायों में, बल्कि हर जगह लैंगिक असमानता […]

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