ललित गर्ग आज हम जीवन नहीं, राजनीतिक मजबूरियां जी रहे हैं। राजनीति की सार्थकता नहीं रही। अच्छे-बुरे, उपयोगी-अनुपयोगी का फर्क नहीं कर पा रहे हैं। मार्गदर्शक यानि नेता शब्द कितना पवित्र व अर्थपूर्ण था पर नेता अभिनेता बन गया। नेतृत्व व्यवसायी बन गया। भ्रष्टाचार के खेल ने दुनिया के सारे लोकतंत्रों को खोखला कर दिया […]
ममता बनर्जी की सरकार और भ्रष्ट मंत्री