………………… ईश्वर उपासना का अधिकारी बनने के लिए आवश्यक है कि सब प्रकार के छल कपट, द्वेष, अन्याय, पाखंड, अन्धविश्वास, पशुबलि, पाषाण पूजा, ऊंच-नीच, जात-पात आदि से मुक्त हुआ जाए । जात-पात व ऊंच नीच पर परशुराम और श्रवण कुमार का संवाद प्रेरणादायक है- श्रवणकुमार, ऋषि परशुराम को अपना परिचय देते हुए उन्हें बताते हैं […]
ईश्वर उपासना क्यों और कैसे ?* …………………