अर्जुन ! हथियार उठा ले — तर्ज – देहाती श्री कृष्ण ने अर्जुन को उपदेश दिया था भारी। कहा – अर्जुन ! हथियार उठा ले, कर रण की तैयारी।। टेक।। प्रवृत्ति से दूर हटा और निवृत्ति को अपना ले। जन्म – मरण के चक्कर से तू अपना आप बचा ले।। मत गोरखधंधा कर […]
अर्जुन ! हथियार उठा ले — तर्ज – देहाती श्री कृष्ण ने अर्जुन को उपदेश दिया था भारी। कहा – अर्जुन ! हथियार उठा ले, कर रण की तैयारी।। टेक।। प्रवृत्ति से दूर हटा और निवृत्ति को अपना ले। जन्म – मरण के चक्कर से तू अपना आप बचा ले।। मत गोरखधंधा कर […]
ओ३म् ========= दयानन्द सन्देश मासिक पत्रिका आर्यजगत में सिद्धान्तों की पोषक एक प्रमुख पत्रिका है। हम इसके आरम्भ काल से ही पाठक व सदस्य रहे हैं। इस पत्रिका का नवम्बर-दिसम्बर, 1976 संयुक्तांक एक विशेषांक के रूप में प्रकाशित हुआ था जिसका शीर्षक था ‘वेदार्थ-समीक्षा’। यह भी बता दें कि इस पत्रिका का प्रकाशन महान ऋषिभक्त […]
समर्थ रामदास जयंती रामनवमी पर विशेष – हमारे सनातनी संत केवल संत होकर तपस्या, धार्मिक अनुष्ठान, पूजा पाठ व मोक्षप्राप्ति के हेतु ही कार्य ही नहीं करते हैं अपितु समय समय पर देश समाज की राजनीति को राजदरबार (संसद) से लेकर, समाज के चौक चौबारों तक व युद्ध की भूमि में जाकर रणभेरी बजाने […]
मेरठ। ( विशेष संवाददाता) आज दिनांक 10 अप्रैल 2022 को अट्ठारह सौ सत्तावन की क्रांति नायक अमर शहीद धनसिंह कोतवाल शोध संस्थान मेरठ द्वारा उत्तर प्रदेश सरकार के नवनिर्वाचित मंत्रियों का सम्मान समारोह कार्यक्रम चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ के बृहस्पति भवन सभागार में संपन्न हुआ । अपने उद्बोधन में श्री दिनेश खटीक माननीय मंत्री […]
ओ३म् ========= पं. लोकनाथ तर्कवाचस्पति जी मूलतः सिंध प्रान्त के निवासी थे, परन्तु आपका प्रचार क्षेत्र पंजाब रहा। आप आर्य प्रादेशिक सभा पंजाब के उपदेशक भी रहे। वह अद्वितीय व्याख्याता, तर्कनिष्णात शास्त्रार्थ महारथी तथा कर्मकाण्ड प्रेमी भावुक विद्वान् थे। आपने पौराणिकों तथा अन्य विधर्मी विद्वानों से अनेक शास्त्रार्थ किये। पौराणिक आस्थाओं पर इनके प्रहार बड़े […]
___________________ पशु पक्षी जीव जंतुओं से हमारा संबंध अनेक आयामों में है पशु पक्षी जीव जंतु पालनीय हैं ,हम इनके पालक हैं| यह रक्षा करने योग्य रक्षनीय हैं, हम इनके रक्षक हैं | सृष्टि के आदि से लेकर मनुष्य ने इस कर्तव्य को भलीभांति निभाया… सभी जीवो से यथा योग्य कार्य लिया… बगैर पीड़ा पहुंचाए […]
================== मधुमक्खी गजब का परिश्रमी सामाजिक बुद्धिमान कीट है । मधुमक्खी अपना जीवन अप्रैल से लेकर सितंबर इन 6-7 महीनों में जी लेती है…. सितंबर के पश्चात सर्दियों का मौसम मधुमक्खियों के लिए बहुत बेरहम विध्वंसक होता है…. इस मौसम में मधुमक्खियां भुख ठंड से मरती हैं। छत्ते में शहद लगभग खत्म हो जाता है […]
ओ३म् ========== वर्ण व्यवस्था के सम्बन्ध में कहा जाता है कि संसार के तीन प्रमुख शत्रु हैं। प्रथम अज्ञान व अविद्या, दूसरा अन्याय, शोषण वा अत्याचार आदि और तीसरा अभाव। अज्ञान व अविद्या दूर करना ब्राह्मण का दायित्व होता है और अन्याय व अभाव को दूर करना क्षत्रिय तथा वैश्य का कर्तव्य होता है। अज्ञान […]
ओ३म् =========== आज दिनांक 10 अप्रैल, 2022 को दो महनीय पर्व रामनवमी एवं आर्यसमाज स्थापना दिवस हैं। मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम वैदिक धर्म एवं संस्कृति के आदर्श महान् पुरुष, रक्षक एवं प्रहरी हैं। उनका जीवन सभी मनुष्यों व संसार के लिए प्ररेक एवं अनुकरणीय है। वाल्मीकि रामायण के अनुरूप उनका जीवन सब मनुष्यों के अध्ययन […]
ओ३म् ======== मनुष्य संसार में जन्म लेता है, शिशु से किशोर, युवा, प्रौढ़ व वृद्ध होकर किसी रोग व अचानक दुर्घटना आदि से मृत्यु को प्राप्त हो जाता है। वैदिक ग्रन्थों में मृत्यु का कारण जन्म को बताया गया है। यदि हमारा जन्म ही न हो तो हमारी मृत्यु नहीं हो सकती। यदि जन्म हुआ […]