अहिल्या के पत्थर बनना शंका – क्या वह सत्य है? समाधान स्वामी दयानन्द ने इस शंका का समाधान किया है। “इन्द्रा गच्छेति । गौरावस्कन्दिन्नहल्यायै जारेति । तधान्येवास्य चरणानि तैरेवैनमेंत्प्रमोदयिषति ।।” शत. का. ३ अ. ३ । ब्रा. ४ । कं. १८ “रेतः सोम ।।” शत. का. ३ । अ. ३ । ब्रा. २ । कं. […]
अहिल्या के पत्थर बनने का सच