‘ईस्ट इंडिया कंपनी’ के नाम का रहस्य जिस समय मुगल साम्राज्य अपने चरमोत्कर्ष पर था। उसी समय भारत में अंग्रेजों और कुछ अन्य यूरोपियन जातियों का आगमन हुआ। सन 1600 में भारत में अकबर का शासन था, तभी ‘ईस्ट इंडिया कंपनी’ की स्थापना हुई। इस कंपनी को ‘ईस्ट इंडिया कंपनी’ इसलिए कहा गया कि कोलंबस ने […]
Month: May 2018
रीता बहुगुणा जोशी उत्तर प्रदेश की 16वी विधानसभा में विधायक रहीं। वह उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री श्री हेमवती नंदन बहुगुणा की पुत्री हैं। श्रीमती बहुगुणा जोशी अपने आप में एक संघर्षशील और जुझारू महिला राजनीतिज्ञा के रूप में जानी जाती हैं। वह दिसंबर 2016 में भाजपा में सम्मिलित हुई थीं। उससे पहले उन्होंने 2007 […]
केके मुहम्मद अयोध्या के स्वामित्व के संबंध में 1990 में राष्ट्रीय स्तर पर बहस ने जोर पकड़ा। इसके पहले 1976- 77 में पुरातात्विक अध्ययन के दौरान अयोध्या उत्खनन में भाग लेने का मुझे अवसर मिला। प्रो बीबी लाल के नेतृत्व में अयोध्या उत्खनन की टीम में ‘दिल्ली स्कूल ऑफ आर्कियोलॉजी’ के 12 छात्रों में से […]
बिखरे मोती-भाग 231
जिस प्रकार मुकुट में ‘हीरा’ लगने से मुकुट का मूल्य और महत्व अधिक हो जाता है, ठीक इसी प्रकार व्यक्ति के पास यदि ‘शील’ है अर्थात उत्तम स्वभाव है तो उसके धन दौलत, पद-प्रतिष्ठा, योग्यता (विद्या अथवा ज्ञान) और कर्मशीलता का महत्व अनमोल हो जाता है, लोकप्रियता और ऐश्वर्य का सितारा चढ़ जाता है अन्यथा […]
राजपूत शब्द ‘क्षत्रिय’ का सूचक राजपूत शब्द किसी जाति का सूचक नहीं हैं। यह उस वर्ण का सूचक है जिसे मनु महाराज ने ‘क्षत्रिय’ कहा है। इस प्रकार राजपूत शब्द के अंतर्गत सारे क्षत्रिय कुल और राजवंश समाहित हो जाते हैं। ‘अलबेरूनी का भारत’ के लेखक अलबेरूनी ने भारत में कहीं पर भी राजपूत जाति […]
स्वामी दयानन्द की इन पंक्तियों से स्पष्ट है कि महर्षि दयानंद सरस्वती जनता में इतना संभल कर बोलते थे कि स्वतंत्रता की भावना तो जनमानस में रच-बस जाए, परंतु क्रूर अंग्रेज शासकों के पंजे से भी बचा जा सके, स्वदेशी आंदोलन का प्रचार प्रसार करने, उसके लिए जनमत तैयार करने एवं पराकाष्ठा तक पहुंचाने में […]
संसद में असंसदीय आचरण
एडमण्ड बर्क ने कहा था कि- ”जनता के लिए सबसे अधिक शोर मचाने वालों को उसके कल्याण के लिए सबसे उत्सुक मान लेना सर्वमान्य त्रुटि है।” इसमें कोई संदेह नहीं कि वर्तमान में हमारी मान्यता यही हो गई है कि संसद या राज्य विधानमंडलों में जो जनप्रतिनिधि अधिक शोर मचाए वही मुखर सांसद या जनप्रतिनिधि […]
“कर्नाटक ने दिए 2019 के संकेत”
लोगों को आशंका थी कि कर्नाटक में भाजपा का अश्वमेघ का घोड़ा अटक जाएगा पर कर्नाटक की जनता ने जिस प्रकार का जनादेश दिया है उससे यह तो स्पष्ट हो ही गया है कि वहां के लोग राष्ट्र हित में उचित निर्णय लेना जानते हैं। इस चुनाव पर सारे देश की निगाहें थीं और इसका […]
बिखरे मोती-भाग 230
अब तस्वीर का दूसरा पहलू देखिये-झरना भी पृथ्वी से निकलता है और ज्वालामुखी भी पृथ्वी से निकलता है, किंतु दोनों के स्वरूप और स्वभाव में जमीन आसमान का अंतर है। झरना पृथ्वी पर हरियाली लाता है, खुशहाली लाता है, सौंदर्य बढ़ाता है, विकास की नई राहें खोलता है, जबकि ज्वालामुखी लाल-लाल गर्म लावा उगलता है, […]
राकेश आर्य (बागपत) देवियों और सज्जऩों ! आर्यसमाज के प्रवर्तक महर्षि दयानन्द सरस्वती ने ‘सत्यार्थप्रकाश’ नामक ग्रन्थ की रचना करके मानव जाति का अवर्णनीय उपकार किया है। सत्य का ग्रहण और असत्य का परित्याग करना ही इस ग्रन्थ का मुख्य उद्देश्य है। जिसने भी इस ग्रन्थ को पूरा पढ़ा उसी का जीवन बदल […]