भारतीय साहित्य की भक्ति परंपरा के प्रमुख स्तंभों में से एक और मैथिली भाषा के सर्वोपरि कवि के रूप में प्रख्यात विद्यापति का संस्कृत, प्राकृत, अपभ्रंश एवं मातृभाषा मैथिली पर समान अधिकार था। हिन्दी साहित्यभ के अभिनव जयदेव के नाम से प्रख्यात विद्यापति का बिहार प्रान्त के मिथि?ला क्षेत्रवासी होने के कारण इनकी भाषा मैथिल […]
Month: January 2018
कश्मीर पर कांग्रेस की भाषाकश्मीर को लेकर कांग्रेस का वास्तविक चेहरा एक बार पुन: सामने आया है। कांग्रेस के पी. चिदंबरम ने कहा है कि कश्मीर को अधिक स्वायत्तता दिये जाने की आवश्यकता है। इस पर पलटवार करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसे कांग्रेस की पाकिस्तान परस्त भाषा कहा है। वास्तव में कांग्रेस इस […]
कैंसर विनाशक : पपीते के पत्ते की चाय
प्रस्तुति-राकेश आर्य (बागपत) पपीते के पत्ते 3rd और 4th स्टेज के कैंसर को सिर्फ 35 से 90 दिन में सही कर सकते हैं। अभी तक हम लोगों ने सिर्फ पपीते के पत्तों को बहुत ही सीमित तरीके से उपयोग किया होगा, बहरहाल प्लेटलेट्स के कम हो जाने पर या त्वचा सम्बन्धी या कोई और छोटा […]
वरिष्ठ भाजपा नेता चौधरी गजराज सिंह यादव ने कहा है कि देश में इस समय सामाजिक समरसता को उत्पन्न करने वाली पत्रकारिता की आवश्यकता है। जिससे कि हमारा सामाजिक ताना-बाना सुदृढ़ हो और हम कहीं अधिक मजबूत भारत का निर्माण करने में सक्षम हों। श्री यादव ने ‘उगता भारत’ के साथ यहां एक विशेष बातचीत […]
‘पशून पाहि’ अर्थात पशुओं की रक्षा कर
पशुओं में बकरी, भेड़, ऊंटनी, भैंस का दूध भी काफी महत्व रखता है। किंतु केवल दूध उत्पादन को बढ़ावा देने के कारण भैंस प्रजाति को ही प्रोत्साहन मिला है, क्योंकि यह दूध अधिक देती है व वसा की मात्रा ज्यादा होती है, जिससे घी अधिक मात्रा में प्राप्त होता है। गाय का दूध गुणात्मक दृष्टि […]
मन हो जावै सुमन तो, समझो प्रभु समीप
बिखरे मोती-भाग 214 गतांक से आगे…. वाणी व्यवहार का आधार होती है। यह ऐसा प्रभु-प्रदत्त गहना है जिसका कोई सानी नहीं। इसे न तो कोई चुरा सकता है और न ही कोई छीन सकता है। वाणी में विवेक और विनम्रता यश की सुगंध भरते हैं। वाक्पटुता और व्यवहार कुशलता तो व्यक्ति के हृदय पर राज […]
भारत के विषय यह एक दुर्भाग्यपूर्ण तथ्य है कि आजादी के 70 वर्ष पूर्ण होने के उपरान्त भी हम जातीय हिंसा के बार-बार शिकार होते हैं। बार-बार कुछ अनमोल जानें चली जाती हैं और हम उनके चले जाने के पश्चात यहां छाती पीट-पीटकर राजनीति अपना विधवा विलाप करती रह जाती है। हम बार-बार यह शपथ […]
श्रेय और प्रेय का मार्ग
पृथ्वी के उत्तर और दक्षिण में दो ध्रुव – उत्तरी ध्रुव और दक्षिणी ध्रुव हैं। दोनों ध्रुवों को ही पृथ्वी की धुरी कहा जाता हैं और दोनों में ही असाधारण शक्ति केन्द्रीभूत मानी जाती हैं। इसी भान्ति चेतन तत्त्व के भी दो ध्रुव हैं जिन्हें माया और ब्रह्म कहा जाता है। जीव इन्हीं दोनों के […]
गीता का आठवां अध्याय और विश्व समाज परमपुरूष अर्थात परमात्मा को पाने का सच्चा साधन योगेश्वर श्रीकृष्ण ‘अभ्यास योग’ को ही बताते हैं। वह कहते हैं कि जो साधक ‘अभ्यास योग’ के माध्यम से चित्त को एकाग्र कर उसे कहीं दूसरी जगह भागने नहीं देता है-वह निरन्तर चिन्तन करते रहने से दिव्य परमपुरूष को पा […]
मैं अधिवक्ता समाज व पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जनता का ध्यान इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूत्र्ति मुख्य न्यायाधीश (तत्कालीन) डा. डी.वाई. चन्द्रचूड़ के उस पत्र की ओर दिलाना चाहता हूं जिसे उन्होंने 8 जनवरी 2015 को विधि मंत्रालय भारत सरकार को यह स्पष्ट करते हुए लिखा था कि राज्य सरकार का कोई प्रस्ताव पश्चिमी उत्तर […]