Categories
प्रमुख समाचार/संपादकीय

रक्त-रंजित मुद्रा की चकाचौंध-13

मुजफ्फर हुसैनगतांक से आगे…….भारत सरकार की नजरें विदेशी मुद्रा के लिए जब देश की मूल्यवान वस्तुओं की ओर जाने लगी, तब सबसे पहली नजर भारत के पशुधन पर पहुंची। तत्कालीन सरकारों को प्रशासन में बैठे कसाईयों ने एक ही सुझाव दिया कि मांस का निर्यात कर सरकार करोड़ों डॉलर कमा सकती है। तब से न […]

Categories
विशेष संपादकीय वैदिक संपत्ति

मनुष्य का आदिम ज्ञान और भाषा-23

गतांक से आगे…..नदियों के नामजिन शब्दों से यहां लोक की नदियां पुकारी जाती हैं, वेदों में उन्हीं शब्दों के कई अर्थ होते हैं। उन शब्दों का जो धात्वर्थ है, वह चलने वाला-बहने वाला-वेगवाला आदि होता है। नदियां भी इसी प्रकार का गुण रखती हैं। वे भी चलने वाली, बहने वाली और वेगवाली होती हैं, इसीलिए […]

Categories
महत्वपूर्ण लेख

हमारे और तुम्हारे तालिबान

डॉ0 वेद प्रताप वैदिक पाकिस्तान की फौज ने आतंकवाद के खिलाफ जबरदस्त अभियान चला रखा है। अब तक लगभग पांच लाख लोग अपना घर-बार छोड़ कर उत्तरी वजीरिस्तान से बाहर निकल चुके हैं। हर शरणार्थी को सरकार हजारों रुपए दे रही है और उसका पंजीकरण भी किया जा रहा है। अब एक-दो दिन में फौज […]

Categories
प्रमुख समाचार/संपादकीय

मुख्य न्यायाधीश ने मोदी सरकार की आलोचना की

अवधेश कुमार उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश आरएम लोढ़ा ने जजों की नियुक्ति में सीनियर ऐडवोकेट गोपाल सुब्रमण्यम की अनदेखी करने पर सरकार की आलोचना की है। लोढ़ा ने कहा है कि सरकार ने उन्हें जानकारी दिए बिना यह फैसला लिया। मुख्य न्यायाधीश ने इस मामले को न्यायपालिका की आजादी से जोड़ते हुए कहाए श्न्यायपालिका […]

Categories
भारतीय संस्कृति

भारतीय संस्‍कृति को पतन की ओर ले जाता मीडिया

राजेश दूबे १९९५-१९९६ में वैश्वीकरण ने अपने पाव भारत में फैलाना आरम्भ किया इसके साथ ही भेड़ बकरियो की तरह समाचार चैनल बाजार में दिखने लगे क्योकि पुरे विश्व को भारत एक उभरते हुए बाजार के रूप में दिखाई दे रहा था और इस बाजार को आम जनमानस तक पहुँचाने के लिए प्रचार प्रसार की […]

Categories
बिखरे मोती

बिखरे मोती भाग-55

मंजिल पर पहुंचे वही, जिनके चित में चावगतांक से आगे….सन्तमत और लोकमत,कभी न होवें एक।अवसर खोकै समझते,बात कहै था नेक।। 632 ।। कैसी विडम्बना है? वर्तमान जब अतीत बन जाता है तो व्यक्ति की तब समझ में आता है कि मैं तत्क्षण कितना सही अथवा कितना गलत था? ठीक इसी प्रकार यह संसार सत्पुरूषों की […]

Categories
डॉ राकेश कुमार आर्य की लेखनी से

मोदी जी! मेट्रो सिटी नही ‘मेधा ग्राम’ बसाइए

ग्राम अपने आप में एक ऐसी व्यवस्था है जिसके विषय में इसके पूर्णत: आत्मनिर्भर पूर्णत: आत्मानुशासित और पूर्णत: आत्मनियंत्रित रहने की परिकल्पना को हमारे ऋषि पूर्वजों ने साकार रूप दिया। आज के भौतिकवादी युग में किसी ईकाई या संस्था के पूर्णत: आत्मनिर्भर आत्मानुशासित अथवा आत्मनियंत्रित होने की कल्पना नही की जा सकती। ग्राम्य और शहरी […]

Categories
संपूर्ण भारत कभी गुलाम नही रहा

मथुरा नरेश कुलचंद का वो अप्रितम बलिदान

बात सन 986-987 की है। भारत पर उस समय आक्रमण करने की एक श्रंखला को महमूद गजनवी अभी आरंभ कर नही पाया था। तब प्रतीहार वंश भारत में पतनोन्मुख हो चला था, यद्यपि यह वंश भारत के लिए बहुत ही गौरव प्रदान कराने वाला रहा था। ऐसा गौरव जिसे देखकर इतिहासकारों की मान्यता बनी कि […]

Exit mobile version
betpark giriş
betgaranti giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
casinolevant giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betgaranti mobil giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
betgaranti giriş
betgaranti giriş
betsat giriş
betpark giriş
betpark giriş
cratosroyalbet giriş
betgaranti giriş
jojobet giriş
betgaranti mobil giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
betgaranti giriş
betpark giriş
betsat giriş
betsat giriş
sahabet giriş
sahabet giriş
betsat giriş
betsat giriş
sahabet giriş
sahabet giriş
jojobet giriş
jojobet giriş
milanobet giriş
grandpashabet giriş
jojobet giriş