शिवकुमार गोयलइस माह अप्रैल में पूरे देश में लोकसभा के चुनाव संपन्न होंगे। मतदान के माध्यम से ही हम राष्ट्रभक्त कत्र्तव्यशील तथा बेदाग प्रतिनिधियों के हाथों केन्द्र की बागडोर सौंप सकते हैं।विगत दो दशकों से केन्द्र में कांग्रेस के नेतृत्व में सरकार रही है। इस सरकार ने भ्रष्टाचार, अनाचार तथा अन्य सभी बुराईयों के रिकार्ड […]
Month: April 2014
आज का चिंतन-12/04/2014
मुर्दों से काम न लें – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com काम कोई सा हो, अपना हो या पराया। हर काम की पूर्णता के लिए जरूरी है जिन्दा लोगों की मौजूदगी। जो लोग जिन्दे हैं वे ही अच्छी तरह काम कर सकते हैं। हर काम की सफलता और पूर्णता के लिए यह जरूरी है कि […]
आज का चिंतन-11/04/2014
जिक्र और फिक्र उसी से जिसका उससे संबंध हो – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com समय और पात्र का चयन जितना अच्छे से किया जाए, उतना कार्यसिद्धि और विचार सम्प्रेषण में मदद मिलती है। आमतौर पर जो बात हम कहना चाहते हैं उसका कोई अर्थ सामने नहीं आता। इसके दो ही कारण हैं। पहला […]
बिखरे मोती-भाग 45
साहसी पुरूष ही जगत में, करते ऊंचे काजगतांक से आगे….पति की सेवा में निहित,स्त्री का कल्याण।कटु भाषण करती नही,आये का राखे मान।। 590।। सृष्टि का कारण वही,वही है आदि अंत।पालक, रक्षक, रचयिता,सबसे बड़ा महन्त ।। 591।। अत्याचारी हो पति,शोकातुर रहै नार।सुख समृद्घि का नाश हो,उजड़ जाए संसार ।। 592।। मन, ज्ञान और इंद्रियां,प्रभु की अदभुत […]
गतांक से आगे…..इन किसानों के पशु क्या हैं? सो भी देखिए-एह यन्तु पशवो से परेयुर्वायुर्येषां सहचारं जुजोष।त्वष्टा येषां रूपघेयानि वेदास्मिन तान गोष्ठे सविता नि यच्छतु ।।अर्थात जिन पशुओं का सहचारी वायु है, त्वष्टा जिनके नामरूप जानता है और जो बहुत दूर है, उनको सविता सूर्य गोष्ठ में पहुंचावे।वैदिक जानते हैं कि सूर्यकिरणों को गौ और […]
मुजफ्फर हुसैनगतांक से आगे…….भारत में मांसाहार और पशु पक्षियों के कत्ल की कोई समस्या थी ही नही, लेकिन सरकार की अदूरदर्शिता ने इसे संकट में बदल दिया। मांसाहार करने वाला वर्ग कभी भी प्रताडऩा का शिकार नही होता था। उसे उदरपूर्ति में कोई कठिनाई नही आती थी। क्योंकि उस समय तक मांसाहार वह इसलिए करता […]
आज का चिंतन-10/04/2014
जो काम नहीं हो पाए उनका तनाव न रखें – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com आदमी की आधी से ज्यादा जिंदगी इन चिंताओं में गुजर जाती है कि उसके सोचे हुए काम पूरे नहीं हुए और समय बीतता चला जा रहा है। ऎसा प्रत्येक इंसान के साथ होता ही है। शायद ही कोई बिरला ऎसा बचा […]
आज का चिंतन-09/04/2014
भगवान ने सब कुछ दिया है सुखी या दुःखी होना अपने हाथ में – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.com इंसान की जात-जात की भूख और प्यास इतनी विराट और अपरिमित है कि पूरी दुनिया उसे मिल जाए तब भी भिखारी का भिखारी ही रहेगा, उसे संतोष या तृप्ति का अहसास कभी नहीं हो सकता। इंसान के लिए […]
कन्हैया झाअगले माह देश में आम चुनाव होने वाले हैं। देश की दो मुख्य पार्टियों के अलावा अनेक राज्य स्तरीय पार्टियां मैदान में हैं। पिछले एक वर्ष में सभी पार्टियों के छोटे-बड़े सभी नेताओं ने एक दूसरे के प्रति खूब विष-वमन किया है और चुनाव के बाद भी संसद में एक दूसरे के प्रति यह […]
भारत के एक अधिकार विहीन लेकिन अपनी सादगी के भीतर छिपे अधिकार संपन्न प्रधानमंत्री के अवसान का समय आ गया है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जा रहे हैं, लेकिन शिकन उनके चेहरे पर न होकर सोनिया गांधी के चेहरे पर हैं। डा. मनमोहन सिंह को राजनीतिक अधिकार विहीन करके बैठाया गया और ‘सोनिया कीर्तन मंडली’ ने […]