जिस रसना पै हरि बसै, मत बो उस पर शूल माया से तदाकार हो,बढ़ता गया अहंकार।तदाकार हो ज्योति सेमिलै मुक्ति का द्वार ।। 186।। जिस रसना पै हरि बसै,मत बो उस पर शूल।रसना को कर काबू में,बरसते रहें नित फूल।। 187।। यातरा है अनंत की,बहुत ही ऊंचा ध्येय।सफर सुहाना तब बनै,बांध पीठ पाथेय ।। 188।। […]
Month: July 2013
आज का चिंतन -28/07/2013
ये हरकतें दर्शाती हैं आत्मविश्वास में कमी डॉ. दीपक आचार्य9413306077dr.deepakaacharya@gmail.comव्यक्ति के हाव-भाव और जीवनचर्या से उसके सम्पूर्ण चरित्र, कर्म और व्यवहार की थाह आसानी से पायी जा सकती है। इसके लिए चाहिए थोड़ी सी सूक्ष्म दृष्टि, निरपेक्षता और नीर-क्षीर विवेक बुद्धि।हमारे मन के भीतर उमड़ने-घुमड़ने वाले विचारों से लेकर कल्पनाओं, आशा-आकांक्षाओं, पुराने अनुभवों की स्मृतियों और परिवेशीय स्पंदनों का […]
मिड डे मील- ना दया, ना हया
बिहार के छपरा जिले के एक स्कूल में मिड डे मील को लेकर 23 नन्हें मुन्ने नौनिहालों की जीवन लीला समाप्त हो गयी। भ्रष्टाचार का काला कलयुग है ये। इसमें सच में झूठ नही अपितु ‘झूठ में सच’ तलाशना पड़ता है, फिर भी यदि कुछ मिल जाए तो अपना सौभाग्य माना जाता है। भ्रष्टाचार लगभग […]
आज का चिंतन-27/07/2013
भिखारियों को दोष न दें हम कहाँ कम हैं इनसे डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.comलोग दोष देते हैं भिखारियों को। और जाने क्या-क्या बक जाते हैं, सुना जाते हैं, उलाहनों की बारिश करते रहते हैं और दुत्कारते हुए वो सब कुछ कह व कर दिया करते हैं जो नहीं करना चाहिए।हम लोग भिखारियों को हीन और घृणित […]
राज सक्सेनाआम मान्यता है और जगह.जगह मन्दिरों में स्थापित हनुमान जी की मूर्तियों को देख कर 99.99 प्रतिशत हिन्दू और शत प्रतिशत विधर्मी विश्वास करते हैं कि भगवान के रूप में प्रतिस्थापित हनुमान बानर बन्दर थे या हैं वस्तुत: यह एक भ्रान्त धारणा है इस भ्रान्त धारणा के स्थापन में तुलसी रामायण चरित.मानस के अर्थों […]
आज का चिंतन-26/07/2013
वालों से पाएंजीवन निर्माण की रोशनी– डॉ. दीपक आचार्य9413306077 इस दुनिया में सभी प्रकार के लोगों का वजूद बना हुआ है। इनमें जलने वालों और जलाने वालों की सं या खूब ज्यादा है। जलने और जलाने वालों की तादाद सभी इलाकों की ही तरह हमारे क्षेत्रों में भी खूब है।जलने वालों लोग हर आयु वर्ग […]
आज का चिंतन-25/07/2013
सोशल साइट्स का इस्तेमाल करें समय का मोल पहचानते हुए – डॉ. दीपक आचार्य 9413306077 dr.deepakaacharya@gmail.comसंचार क्रांति में उफान के चलते पिछले कुछ समय से सोशल नेटवर्किंग साइट्स का प्रचलन तेजी से अपने घरों से लेकर मन के कोनों तक में जगह बनाता जा रहा है। पहले मोबाइल आ गए और अब इंटरनेट के जरिये ये […]
भारत में तेल शोधक कारखाने
भारत में इस समय देश में सार्वजनिक क्षेत्र के अंतर्गत 15 तेलशोधक कारखाने हैं। इनके नाम नीचे दिये गये हैं –तेलशोधक कारखाने का नाम उत्पादन वर्ष1. आई.ओ.सी. डिगबोई 19012. एच.पी.सी.एल. मुंबई 19543. बी.पी.सी.एल मुंबई 19554. एच.पी.सी.एल. बिशाखापट्टनम 19575. आई.ओ.सी. गुवाहाटी 19626. आई.ओ.सी. बरौनी 19647. आई.ओ.सी. कोयाली 19658. सी.आर.एल. कोचीन 19669. एम.आर.एल. चैन्नई 196910. आई.ओ.सी. हल्दिया […]
भाई परमानंदगतांक से आगे…..दुर्भाग्य से इन दिनों इंग्लैंड में मजदूर मंत्रिमंडल (लेबर गवर्नमेंट) टूट गया और उसका स्थान राष्टï्रीय सरकार ने ले लिया। भारत मंत्री अब सेसुअल होर बना। यह बड़ा पक्का रूढ़िवादी था।गांधी जी ने आगाखान से, जो उस समय मुस्लिम प्रतिनिधियों का नेता था, बातचीत आरंभ की। गांधी जी अपने दिमाग में एक […]
सलीम अख्तर सिद्दीकीइस एक लाइन के सवाल पर वैसे तो जनमत होना चाहिए। कोई एक व्यक्ति, दल या फिर खुद सरकार अपने से यह तय नहीं कर सकती कि सोशल मीडिया पर अंकुश लगाना चाहिए या नहीं। बीसवीं सदी के उत्तरार्ध में उभरते इस ताकतवर मीडिया माध्यम ने जितनी तेजी से अपना विस्तार किया है […]