जब रुतबा ,सत्ता , शोहरत और दौलत आदमी के हाथ से खिसकती हैं और उसे यह अहसास होता है कि अब यह कभी जिंदगी में लौट कर नहीं मिलेंगी तो उसकी हालत कैसी होती है ? इस बात को समझने के लिए कहीं और जाने की जरूरत नहीं है ,फारूक अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती को […]
लेखक सुप्रसिद्ध इतिहासकार और भारत को समझो अभियान समिति के राष्ट्रीय प्रणेता है
जब रुतबा ,सत्ता , शोहरत और दौलत आदमी के हाथ से खिसकती हैं और उसे यह अहसास होता है कि अब यह कभी जिंदगी में लौट कर नहीं मिलेंगी तो उसकी हालत कैसी होती है ? इस बात को समझने के लिए कहीं और जाने की जरूरत नहीं है ,फारूक अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती को […]
गुपकार गठबंधन के बाद आलोचनाओं को झेल रहे फारुख अब्दुल्ला अब अपने जाल में फंसते हुए दिखाई दे रहे हैं । उन्होंने भारत के विरोध में जो भी कुछ बोला है अब उसकी क्षतिपूर्ति करने की तरकीब ए खोज रहे हैं । यही कारण है कि अब वह कह रहे हैं कि […]
सूर्यकांत देवांगन कांकेर, छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ में गोधन न्याय योजना शुरू होने के बाद से यहां गोबर का महत्व लगातार बढ़ता जा रहा है, कल तक सिर्फ कण्डे और खाद बनाने के काम आने वाला गोबर अब रंग बिरंगे दीयों का रूप लेकर दीपावली में जगमगाने को तैयार है। स्व-सहायता समूह की महिलाएं गोठानों में […]
चाहे राजनीतिक गलियारों में और समाचार पत्रों में जम्मू कश्मीर की गुपकार मीटिंग की इतनी आलोचना क्यों न हो रही हो परंतु इसके उपरांत भी कांग्रेस अभी भी गुपकार गठबंधन का एक हिस्सा है यानी उसे इस बात पर कोई शर्मिंदगी नहीं है कि वहां पर भारत के झंडे को लेकर क्या कुछ कहा […]
श्रीनगर: भारत के साथ विद्रोही तेवर और चीन के प्रति कुछ नजदीकी दिखाने वाले फारूक अब्दुल्ला और तिरंगे को हाथ में न लेकर कश्मीर के झंडे को हाथ में लेकर चलने की दुहाई देने वाली महबूबा मुफ्ती के बिगड़े हुए सुर अब कुछ बदलते हुए दिखाई दे रहे हैं। बात साफ है कि उन्हें दिल्ली […]
साक्षात्कारः डॉ राकेश राणा (प्रख्यात समाजशात्री) ……………………………………….. ★ राजस्थान गुर्जर आरक्षण आन्दोलन ………………………………… ……… ★ आंदोलन को नई नीतियो और रणनीतियों के साथ वैचारिक धार देनी होंगी ★सरकारों को गुर्जर आरक्षण आंदोलन का स्थाई समाधान निकालना ही होगा ……………………… राकेश छोकर / नई दिल्ली ………………………… राजस्थान का गुर्जर आरक्षण आन्दोलन आजादी के बाद भारत का […]
जम्मू कश्मीर की परिस्थितियां विस्फोटक होती जा रही हैं। हाल ही में जम्मू कश्मीर के तीन पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती जिस प्रकार अपनी दुश्मनी भूलकर एक हुए हैं और भारत के विरुद्ध जहर उगल रहे हैं उसको कम करके आंकना बहुत बड़ी गलती होगी। राजनीति के लिए सीधा सा […]
शिवसेना ने महाराष्ट्र में जोड़-तोड़ कर सरकार तो बना ली और अब जैसे तैसे उसे चला भी रही है, परंतु उसे अपने भविष्य की चिंता भी है । क्योंकि उसने हिंदुत्व के साथ जिस प्रकार दूरी बनाने का निर्णय लिया उससे महाराष्ट्र में ही नहीं बल्कि महाराष्ट्र से बाहर भी उसकी किरकिरी हुई है। […]
गांधीजी का हिंदुत्व हिन्दुत्व के विषय में यह सत्य है कि यह कभी भी उन्मादी ,उग्रवादी , उत्पाती और दूसरों के जीवन के प्रति हिंसक नहीं हो सकता , परन्तु इसके उपरान्त भी हिंदुत्व कभी भी दूसरों के आतंक , अत्याचार, उग्रवाद और उन्माद को मौन रहकर सहने के लिए भी हमसे नहीं कह […]
मोहम्मद अली जिन्नाह को देश तोड़ने वाला कहकर आरएसएस और भाजपा पहले दिन से कोसती रही हैं। इतना ही नहीं, जिन्नाह को जिन्नाह बनाने के लिए महात्मा गांधी और उनकी कॉन्ग्रेस को भी जिम्मेदार ठहराया जाता रहा है। क्योंकि महात्मा गांधी ही थे जिन्होंने जिन्नाह को सबसे पहले ‘कायदे आजम’ कहा था। भारतीय राजनीति […]