चीन की गोदी में खेलकर भारत को आंखें दिखाने वाले नेपाल की अब लगता है आंखें खुल गई हैं। उसे यह अहसास हो गया है कि चीन किसी का सगा नहीं हो सकता ,उसके यहां से केवल दगा मिल सकती है । यही कारण है कि चीन के प्रधानमंत्री होली ने अब चीन को करारा […]
लेखक सुप्रसिद्ध इतिहासकार और भारत को समझो अभियान समिति के राष्ट्रीय प्रणेता है
चीन की गोदी में खेलकर भारत को आंखें दिखाने वाले नेपाल की अब लगता है आंखें खुल गई हैं। उसे यह अहसास हो गया है कि चीन किसी का सगा नहीं हो सकता ,उसके यहां से केवल दगा मिल सकती है । यही कारण है कि चीन के प्रधानमंत्री होली ने अब चीन को करारा […]
भारत सात्विक चिन्तन का देश है । सात्विकता उसकी अंतश्चेतना का वह मौलिक तत्व है जो उसे व्यष्टि से समष्टि तक के प्रति समर्पित रहने के लिए प्रेरित करती है। इस सात्विकता से उद्भूत सहिष्णुता भारत का वह गुण है जो उसे सम्पूर्ण संसार का सिरमौर बनाने की क्षमता रखता है । संसार में […]
रामायण , महाभारत और गांधीजी हमारे देश के इतिहास में विकृतिकरण से अधिक इतिहास का विलोपीकरण किया गया है । इतिहास के विलोपीकरण की यह षड़यंत्रकारी योजना जानबूझकर यूरोपियन देशों के इतिहास लेखकों , मुस्लिम इतिहास लेखकों के साथ-साथ कम्युनिस्ट विचारधारा के लेखकों ने बनायी है । विलोपीकरण की इस प्रक्रिया को पूरा करने […]
चीन के विषय में हम पहले से ही यह मानते आ रहे हैं कि इस देश की कथनी व करनी में बहुत भारी अन्तर है । चीन एक ऐसा देश है जो सोया हुआ दानव है । मानवता नाम की कोई चीज इसकी राजनीति या विदेशनीति में नहीं मिलती । यह किस स्थिति में […]
”अपनी नीति तो अपनाओ, लेकिन शत्रु की युद्ध नीति को समझना भी उतना ही आवश्यक है। युद्ध में अपने शत्रु की भान्ति सोचना भी आवश्यक है। जो भी नीति हो, उसे गुप्त रखो। उसे केवल अपने कुछ विश्वासपात्र सहयोगियों को बताओ। अच्छे के लिए सोचो, पर बुरे से बुरे के लिए भी उद्यत रहो।” […]
राजनीति में प्रत्येक व्यक्ति की यह आवश्यकता होती है कि वह अपने प्रतिद्वंद्वी को परास्त करने के लिए ऐसी तिकड़में चले जिससे वह व्यक्ति प्रतियोगिता में आगे न निकल सके , परंतु किसी ‘महात्मा’ के यहाँ ऐसी किसी तिकड़म को या षड़यंत्र को स्थान नहीं दिया जाता। वह तो बड़े सहज भाव से अपने […]
गाजियाबाद । मुसलमानों के जज्बातों से खेलना ओवैसी की पुरानी आदत है। वह ऐसा कोई भी मौका चूकना नहीं चाहते जिससे उनकी सियासत मजबूत होती हो और वास्तव में मुसलमानों के जज्बात ही उनकी सियासत का वह मजबूत पायदान है जिस पर खड़े होकर वह हर वह असंवैधानिक और गैरकानूनी कार्य करने का […]
इतिहास और विदेश नीति का चोली – दामन का साथ है । किसी भी देश के पड़ोसी देशों से उसका पुराना सम्बन्ध होना स्वभाविक है। जहाँ तक भारत की विदेश नीति और इतिहास की बात है तो भारत के लगभग सभी पड़ोसी देश कभी न कभी भारत के ही अंग रहे हैं । इस दृष्टिकोण […]
सरकार ने दी थी गांधी जी को घूस गाँधी जी यह प्रतिपादित करते हैं कि जब-जब हिंसा का प्रयोग हुआ है तब-तब सैनिक खर्च बढ़ा है। यदि उनका मन्तव्य क्रान्तिकारियों की पिछली 25 वर्षों की गतिविधियों से है तो हम उनके वक्तव्यों को चुनौती देते हैं कि वे अपने इस कथन को तथ्य और आँकड़ों […]
इतिहास का भ्रम वास्तव में यह बहुत ही दुखद तथ्य है कि कांग्रेस के लोग हमारे क्रान्तिकारियों को अपने भाषणों में गाली-गलौज तक किया करते थे । इसके उपरान्त भी वर्तमान प्रचलित इतिहास में कुछ इस प्रकार का भ्रम पैदा करने का प्रयास किया गया है कि जैसे कांग्रेस के लोग क्रान्तिकारियों के प्रति वैमनस्य […]