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मंजिल अपनी पहचान

क्यों हो गया रक्त पिपासु? आणविक रासायनिक अस्त्रों से,क्या तेरे बुझेगी प्यास? मायावाद की मरूभूमि में, तुझे कहां मिलेगी घास? संभूति और असंभूति का,मिलन ही पूर्ण विकास। है मंजिल यही तेरे जीवन की, तुझे कब होगा अहसास? क्या कभी सोचकर देखा?निकट है काल की रेखा। जीवन बीत रहा पल-पल, जीवन बदल रहा पल-पलअरे मनुष्य! तेरे […]

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भारतवर्ष एक न्यारा देश

भारतवर्ष है देश हमारा, कर रहा विश्व प्रकाशित हमारा।हिमगिरि जहॉ का श्ीाश मुकुट है, जंगल सारे हरे विकट है।।शेर चीता अरू दुर्लभ प्राणी, जंगल में करते मनमानी।नही यहॉ उन्हे कोई डर है, भारत न्यारा देश अमर है।। गंगा जैसी नदियॉ बहती, बनो निडर यह सब को कहती।भारत की है न्यारी शान, झंडा तिरंगा इसकी आन।।शेर, […]

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यह कैसी पूजा है?

बतला जीवन के आधार इसे, हैं मिट्टी, पानी और बयार।यदि रहा यह दूषण जारी, कैसे बचेगा यह संसार? क्या कभी उन्नत मानव ने, यह सोचकर देखा। निकट है काल की रेखा गुरूग्रंथ, बाइबिल, वेदों ने, तुझे प्रेरित किया अहिंसा को।वसुधा को कुटुम्ब बताया था, फिर अपनाया क्यों हिंसा को? जीवन के उच्चादर्शों की, निर्दयता से […]

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भजन

ओ३म् नाम प्रभु तेरा प्यारा।ये ही नाम तेरा वेद उचारा।।सृष्टि कत्र्ता तू ही जगत आधारा।प्राणों से भी तू प्रीतम प्यारा ।। 1 ।।दु:ख मिटा के सुख देने हारा।सर्वव्यापक तेरा है विस्तारा ।। 2 ।।सच्चा बंधु तू ही सखा हमारा।पूजा योग्य तू ही पिता हमारा।। 3 ।।जन्म मरण से तू रहे न्यारा।पालक रक्षक तू ही सर्व […]

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भारत के वीरों की शक्ति

दुश्मनों को देश के अन्दर, कभी नही आने देना।अपनी आजादी को तुम व्यर्थ नही जाने देना।। देश की खातिर वीरों अपना, सर्वस्व लुटा देना।जो भी तुम से लडऩे आये धूल धरा चटा देना।। देश के दुर्बल लोगों को, तुमको समर्थ बनाना है।भूले भटके पंथी को, कर्तव्य पथ पर लाना है।। अपने अन्दर के साहस को, […]

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घायल धरती की पुकार

परमाणु परीक्षण करता जब, उसकी छाती फट जाती है।भूकंप जिसे तुम कहते हो, वो धरती के दिल की धडक़न।कहती किया घायल मानव ने, सुन स्रष्टा तू मेरी तडफ़न। मेरा दिल आहत कर डाला, इस मानव नाम के प्राणी ने।आखिर मैं कब तक मूक रहूं, सुन मेरी व्यथा की वाणी ने। सृष्टि तो मेरा कलेवर है, […]

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प्रलय का जाल

पूर्वाभ्यास करते देखो, जैगुआर, फैअम और मिराज को। पहले से ज्यादा खतरा है, आज विश्व समाज को। मानव कल्याण से कहीं अधिक, संहार पर व्यय अब होता है। किंतु देख मासूम तेरा, सूखी रोटी को रोता है। युवती पर लज्जा वसन नही, तू आतुर विध्वंस मचाने को। प्रलय का जाल बिछाता है, तुझे आएगा कौन […]

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महानाश का कोलाहल

जब लड़ेंगे वादी प्रतिवादी क्या पड़ोसी का रक्षण होगा?है कौन धरा पर जीव यहां, जो महानाश में अक्षुण्ण होगा? है कौन चिकित्सक ऐसा यहां, जो उस क्षण में सक्षम होगा?रे बोल परमाणु निर्माता, तेरी गद्दी का क्या होगा? जब मानव ही मिट जाएगा, तो ऐसी जीत का क्या होगा?क्या कभी ठंडे दिल से, यह विचार […]

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परमाणु युद्घ हुआ तो क्या होगा?

सोचो परमाणु युद्घ हुआ तो, पल भर में ही क्या होगा?है स्वर्ग से सुंदर चमन धरा पर, कश्मीर की वादी का क्या होगा? अन्न, औषधि, फल-फूल, वनस्पति, पृथ्वी के गहनों का क्या होगा?सरिता, सागर, पर्वत, पठार, इन मैदानों का क्या होगा? जल-थल में जो विचर रहे, निर्दोष प्राणियों का क्या होगा?बहुमंजिलें भवनों का, कारों यानों […]

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दहकते शोलों पर मानवता का महल

जहां मुंह में राम बगल में छुरी, आचरण में इतनी गलती हो। जहां धर्म और पूजा के नाम पर, लड़ते भाई-भाई हों।जहां ऊंच-नीच रंग जाति भेद, जैसी कुटिल बुराई हो। आस्तिकता को छोड़ जहां, नास्तिकता को अपनाते हों।सेवा, त्याग, प्रेम, अहिंसा को, जहां गहवर में दफनाते हों। मनुष्यता की छाती पर बैठी, पशुता जोर से […]

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