गंगा गंगोत्री से निकली गंगा, सब माता कार्य किये तुमने। हरिद्वार, कानपुर ,कर्णप्रयाग, सब हर्षित खूब किए तुमने।। भारत के सभी हदय-जन का, पावन उद्धार किया तुमने। क्षण आया जब मां सेवा का, हदय आघात किया हमने।। धिक्कार है उन संतानों पर, जिसने मां को आघात किया। निर्मल अविरल आंचल को, धावों का बड़ा आघात […]