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इतिहास के पन्नों से

मातृभूमि की स्वतंत्रता के हितार्थ किया पन्ना ने अपने पुत्र चंदन का बलिदान

मैं संन्यासी हूं तो क्या हुआ? बात 1957 की है। आर्य समाजी नेता महाशय कृष्ण धर्मशाला की कारागार में बंदी का जीवन यापन कर रहे थे। उनके सुपुत्र वीरेन्द्र और महात्मा आनंद स्वामीजी भी उन्हीं के साथ बंदी बनाकर रखे गये थे। महाशय कृष्ण अब वृद्घ हो चले थे, इसलिए कोई न कोई व्याधि उनका […]

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हिंदू राष्ट्र स्वप्नद्रष्टा : वीर बंदा बैरागी

—————————————— अध्याय — 11 ” वीर बनकर लड़ो ” जैसा कि हमारे अन्य कितने ही इतिहास पुरुषों के साथ अन्याय करते हुए इतिहासकारों ने उनके विषय में भ्रामक तथ्यों का समावेश भारतीय इतिहास में करने का पाप किया है , वैसा ही हमारे इस महानायक बंदा वीर बैरागी के बारे में भी किया गया है […]

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जब बुर्का पहन कर भागा था कांग्रेस का संस्थापक ए ओ ह्यूम

बात 1857 की क्रांति के समय की है । उस समय इटावा का कलेक्टर ए ओ ह्यूम था । इटावा के क्रांतिकारी इटावा के पास जसवंतनगर में मोर्चा ले रहे थे । चारों ओर क्रांतिकारियों की प्रबलता थी। ‘ हर हर महादेव ‘ की गूंज और ‘ भारत माता की जय ‘ के नारे जब […]

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हिंदू राष्ट्र स्वप्न दृष्टा बंदा वीर बैरागी के जन्म दिवस 27 अक्टूबर पर विशेष

हिंदूराष्ट्र स्वप्नद्रष्टा : बंदा वीर बैरागी ———————————————- अध्याय – 10 बंदा बैरागी बन गया था एक धर्म योद्धा पृष्ठों के उत्तुंग शिखर पर स्मृति की है शीतल छाँह । इतिहास पुरुष वहां भजते माला, बदल देते हैं काल प्रवाह ।। बंकिमचंद्र चटर्जी भारतीय इतिहास के एक अच्छे अध्येता के रूप में जाने जाते रहे हैं […]

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महान क्रांतिकारी महिला मातंगिनी हाजरा की जयंती पर विशेष

भारत के स्वतंत्रता को जलाने में क्रांतिकारी महिलाओं ने अपना बलिदान दिया , उनमें बंगाल की मातंगिनी हाजरा का नाम अग्रगण्य है, जिनकी आज जयंती है । मातंगिनी हाजरा का जन्म 19 अक्टूबर 1870 को पूर्वी बंगाल (वर्तमान बांग्लादेश) मिदनापुर जिले के होगला ग्राम में एक अत्यन्त निर्धन परिवार में हुआ था। जब वह 12 […]

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‘हिंदी ,हिंदू , हिंदुस्तान ‘ के उद्घोषक सावरकर को मिलना ही चाहिए- ‘भारत रत्न ‘

हिंदी , हिंदू , हिंदुस्तान ‘ के उदघोषक सावरकर को मिलना ही चाहिए – ‘भारत रत्न ‘ क्रांति वीर सावरकर को लेकर देश की राजनीति गरमा रही है । क्रांतिवीर भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के इस महानायक के लिए महाराष्ट्र में भाजपा की ओर से यह बात कही गई है कि वह सावरकर जी को ‘भारत […]

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राम द्वारा विराध राक्षस को उसकी कुचेष्टा का यथा योग्य दंड देना

========== बाल्मीक रामायण का इस देश के जनमानस पर व्यापक प्रभाव है। राम को हुए 8.70 लाख से अधिक वर्ष व्यतीत हो चुके हैं परन्तु ऐसा लगता है कि यह कुछ ही दिनों पूर्व की बात हो। बहुत से लोगों ने रामायण को नहीं पढ़ा होता परन्तु वह राम के जीवन की अधिकांश घटनाओं को […]

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काशी शास्त्रार्थ के 150 वर्ष पूर्ण होने पर मूर्ति पूजा और सत्यार्थ प्रकाश

=========== महर्षि दयानन्द को सत्यार्थप्रकाश लिखने की आवश्यकता इस लिये पड़ी थी कि उनके समय में वेद एवं वैदिक शिक्षाओं का लोप हो चुका था और यदि कहीं कुछ बचा हुआ था तो वह भी लुप्त होता जा रहा था। वैदिक धर्म एवं संस्कृति की रक्षा के साथ सत्य की प्रतिष्ठा और असत्य के त्याग […]

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नेहरू ही थे धारा 370 को लगवाने के लिए उत्तरदायी

पिछले दिनों देश के गृहमंत्री अमित शाह ने कई बार यह कहा है कि कश्मीर धारा 370 को लगवाने और कश्मीर का अंतरराष्ट्रीय करण कर इस समस्या को उलझाने का पाप देश के पहले प्रधानमंत्री और कांग्रेस के नेता रहे पंडित जवाहरलाल नेहरू ने किया था । यदि हम इतिहास के तथ्यों की समीक्षा करें […]

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भारत के महान क्रांतिकारी लाला हरदयाल

जब जब मां भारती को बलिदानों की आवश्यकता पड़ती है तो इसकी सुरक्षा और संरक्षा के लिए इसके अनेकों सपूत बलिवेदी पर कूद पड़ते हैं । हमारे देश ने यज्ञ की परंपरा का आविष्कार ऐसे ही नहीं किया इसने राष्ट्रवेदी को भी एक यज्ञ कुंड के समान समझा है और राष्ट्र के मूल्यों की रक्षा […]

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