राष्ट्रीय पराक्रम दिवस* 23 जनवरी – नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जन्मदिवस को “राष्ट्रीय पराक्रम दिवस” के रूप में मनाये जाने की घोषणा करके हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी को का बार-बार अभिनंदन। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अमर बलिदानी सुभाष जी के पराक्रम को स्मरण करने के साथ ही उन हज़ारों भूले-बिसरे क्रान्तिकारियों के […]
Category: इतिहास के पन्नों से
पंजाब में यह पहला बवाल नही है।देश आजाद होने केतुरन्त बाद भी यह हुआ था।सरदार पटेल जैसे दूरदर्शी ने इसे दबा दिया।तब यें अलग खालिस्तान का सपना पूरा नही टर सके।धीरे धीरे लक्ष्य की ओर बढे।हिन्दी समाप्त की।आर्यसममाज ने स्वामी आत्मानन्द जी और ओमानन्द जी के नेतृत्व में संघर्ष किया।लोगों ने बलिदान दिया। आन्दोलन कुछ […]
प्रिय आत्मन। सादर समुचित अभिवादन। सन 1874 में महर्षि दयानंद काशी में पधारे थे। उस समय मुरादाबाद निवासी श्री राजा जयकृष्ण दास सी.एस.आई. वहां के डिप्टी कलेक्टर थे ।उन्होंने महर्षि दयानंद सरस्वती से निवेदन किया कि आप के उपदेशों से जो लोग वंचित रह जाते हैं उन तक अपने विचार पहुंचाने के लिए आपको […]
अजय कुमार पिक्चर गैलरी का अनावरण करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिमा गान करते हुए कहा कि सावरकर का व्यक्तित्व सभी देशवासियों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इस पर कांग्रेस की ओर से कड़ा एतराज जताया गया। किसी राष्ट्र का इससे बड़ा दुर्भाग्य और क्या हो सकता है कि देश को आजादी दिलाने […]
लेखक:- आर.के.त्रिवेदी (लेखक ऑर्कियोकेमिस्ट हैं) विश्व के कल्याण का भाव लेकर ही भारत में धातुकर्म विकसित हुआ था। धातुकर्म के कारण ही भारत में बड़ी संख्या में विभिन्न धातुओं के बर्तन बना करते थे जो पूरी दुनिया में निर्यात किए जाते थे। धातुकर्म विशेषकर लोहे पर भारत में काफी काम हुआ था। उस परम्परा […]
भारत का इतिहास ऐसे अनेकों वीर योद्धाओं, वीरांगनाओं के बलिदान और त्याग से भरा हुआ है जिनके कारण आज हम आजाद देश के आजाद नागरिक कहे जाते हैं । देश पर जब विभिन्न आक्रमणकारी गिद्धों की भांति टूट टूट कर पड़ रहे थे तब ऐसे अनेकों योद्धा और वीरांगनाएं रही जिन्होंने उनका डटकर सामना […]
भारत के इतिहास में ऐसे अनेकों वीर/वीरांगना हुए हैं जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा करते हुए अदम्य साहस का परिचय दिया है। और जब बात बलिदानी परिवार की होगी तो इसमें सिंध के राजा दाहिर सेन एवं उनके स्वजनों के बलिदान को कभी नहीं भुलाया जा सकता है। लेकिन इतिहासकारों ने ऐसा छल किया है […]
आर्यावर्त देश (भारत )के महान योगीराज श्री कृष्ण भगवान जी को विधर्मीयों द्वारा माखन चोर स्त्रियों के कपड़ा चोर चूड़ी बेचने वाले रासरसिया आदि भिन्न-भिन्न तरीकों से बदनाम किया जाता रहा है जिन की एकमात्र पत्नी रुकमणी थी तथा जिनके एकमात्र पुत्र प्रदुम था जिस योगी ने गुरुकुल में शिक्षा ग्रहण की तथा 16000 वैदिक […]
____________________________ मार्क्सवाद के प्रणेता कार्ल माक्र्स की समग्र रचनाओं में “राष्ट्र” नामक इकाई के लिए कोई स्थान नहीं है। मार्क्सवादी तो केवल सर्वहारा को जानता है, जिसे मार्क्स ने “प्रोलेतेरियत” कहकर पुकारा है और जो उसके अनुसार भौतिक द्वंद्ववाद के आधार पर हो रहे ऐतिहासिक विकास-क्रम में पूंजीवाद की अन्तर्निहित कमजोरियों अथवा विरोधाभास के परिणामस्वरूप […]
डॉ. विवेक आर्य पिछले दिनों करीना कपूर ने जब अपने बेटे का नाम तैमूर रखा तो देश में एक चर्चा चल पडी कि एक विदेशी आक्रांता और निर्मम हत्यारे के नाम पर कोई अपने बेटे का नाम कैसे रख सकता है? इस क्रम में यह बात तो सबने कहा कि तैमूर ने लाखों लोगों […]