जब राजनीति व्यापार बन चुकी है और जनसेवा को भूलकर राजनीतिज्ञ पैसे कमाने की अंधी दौड़ में सम्मिलित हो चुके हैं, तब भी भारतीय लोकतंत्र के लिए ऐसे कई शानदार स्तंभ हैं, जिनके कारण भारत का लोकतंत्र जिन्दा है और चलता हुआ दिखाई देता है ।सचमुच राजनीति में इस समय चिराग लेकर ढूंढना पड़ता है […]