Categories
महत्वपूर्ण लेख

अंधविश्वासों का खण्डन समाज की उन्नति के लिए परम आवश्यक

जिस प्रकार से मनुष्य शरीर में कुपथ्य के कारण समय-समय पर रोगादि हो जाया करते हैं, इसी प्रकार समाज में भी ज्ञान प्राप्ति की  समुचित व्यवस्था न होने के कारण सामाजिक रोग मुख्यतः अन्धविश्वास, अपसंस्कृति एवं किंकर्तव्यविमूढ़ता आदि हो जाया करते हैं। अज्ञान, असत्य व अन्धविश्वास का पर्याय है। जहां अज्ञान होगा वहां अन्धविश्वास वर्षा […]

Categories
महत्वपूर्ण लेख

महर्षि दयानन्द ने देश व धर्म के लिए माता-पिता-बन्धु-गृह व अपने सभी सुखों का स्वेच्छा से त्याग किया

-विश्व इतिहास की अन्यतम् घटना- भारत संसार में महापुरूषों को उत्पन्न करने वाली भूमि रहा है। यहां प्राचीन काल में ही अनेक ऋषि मुनि उत्पन्न हुए जिन्होंने वेदानुसार आदर्श जीवन व्यतीत किया। इन ऋषियों में से कुछ के नाम ही विदित हैं।  अनेक ऋषि मुनियों ने महान कार्यों को किया परन्तु उन्होंने न तो अपना […]

Categories
महत्वपूर्ण लेख

हस्तकरघा क्षेत्र के द्वारा स्वदेशी को प्रश्रय देने की कोशिश

अशोक प्रवृद्ध स्वाधीनता संग्राम के दौरान वर्ष 1905 में 7 अगस्त को स्वदेशी आंदोलन की शुरुआत की गई थी। भारत सरकार ने इसी की याद में 7 अगस्त को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के रुप में घोषित किया है।हस्तकरघा क्षेत्र के द्वारा  स्वदेशी को प्रश्रय देने के उद्देश्य सेप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 अगस्त शुक्रवार को […]

Categories
महत्वपूर्ण लेख

ईश्वर की कृपा व वेदाध्ययन से ही नास्तिकता की समाप्ति सम्भव

‘खुदा के बन्दो को देखकर खुदा से मुनकिर हुई है दुनिया, कि जिसके ऐसे बन्दे हैं वो कोई अच्छा खुदा नहीं।।‘ आजकल संसार में सभी मतों के शिक्षित व धनिक मनुष्यों का आचरण प्रायः श्रेष्ठ मानवीय गुणों के विपरीत पाया जाता है जो मनुष्यों को नास्तिक बनाने में सहायक होता। इसका एक कारण ऐसे लोगों […]

Categories
महत्वपूर्ण लेख

सांस्कृतिक भारत का अखंड स्वरुप

डा0 कुलदीप चन्द अग्निहोत्री कहा जाता है कि वीर सावरकर की अस्थियाँ अभी भी उनके वंशजों के पास सुरक्षित हैं । वे अपनी मृत्यु से पूर्व वसीयत कर गये थे कि उनकी अस्थियाँ सिन्धु नदी में तभी प्रवाहित की जायें जब भारत एक बार फिर से अखंड हो जाये । अखंड भारत का क्या अर्थ […]

Categories
महत्वपूर्ण लेख

मदरसे, आधुनिक शिक्षा और ताजा विवाद

जावेद अनीस हर फैसले का एक परिपेक्ष होता है, महाराष्ट्र सरकार के उस फैसले को भी एक परिपेक्ष में देखने की जरूरत है जिसमें निर्णय लिया गया है कि जो मदरसे महाराष्ट्र सरकार का पाठ्यक्रम नहीं अपनायेंगे उन्हें स्कूल नहीं माना जाएगा, इसका मतलब है कि वहां पढऩे वाले बच्चों को ‘आउट ऑफ स्कूल चिल्ड्रेन’ […]

Categories
महत्वपूर्ण लेख

भाषा से खुलेंगे रोजगार के द्वार

डा. भरत झुनझुनवाला कौशल विकास के माध्यम से रोजगार उत्पन्न करने के लिए सरकार को चाहिए कि जर्मन, फ्रेंच, चाइनीज तथा जापानी जैसी भाषाओं का भारत में विस्तार करें। स्नातक छात्रों के लिए एक विदेशी भाषा को सीखना अनिवार्य बना देना चाहिए। कई अमरीकी विश्वविद्यालयों में ऐसी व्यवस्था लागू है। देश के हर जिले में […]

Categories
महत्वपूर्ण लेख

मोक्ष मार्ग का प्रथम सोपान है स्वाध्याय

कृष्ण कान्त वैदिक शास्त्री सु$आङ् अधिपूर्वक इड्-अध्ययने धातु से स्वाध्याय शब्द बनता है। स्वाध्याय शब्द में सु, आ और अधि तीन उपसर्ग हैं। ‘सु’ का अर्थ है उत्तम रीति से ‘आ’ का अर्थ है आद्योपान्त और ‘अधि’ का अर्थ है अधिकृत रूप से। किसी ग्रन्थ का आरम्भ से अन्त तक अधिकारपूर्वक सर्वत: प्रवेश स्वाध्याय कहलाता […]

Categories
महत्वपूर्ण लेख

अविद्या दूर करने का एकमात्र उपाय वैदिक साहित्य का स्वाध्याय

मनमोहन सिंह आर्य मनुष्य की आत्मा के अल्पज्ञ होने के कारण इसके साथ अविद्या अनादि काल से जुड़ी हुई है। इसका एक कारण जीवात्मा का एकदेशी, ससीम, राग-द्वेष व जन्म-मरणधर्मा आदि होना भी है। ईश्वर सर्वव्यापक, निराकार,  सर्वान्तर्यामी एवं सर्वज्ञ है। सर्वज्ञ का तात्पर्य है कि वह जानने योग्य सब कुछ जानता है। वह जीवों […]

Categories
महत्वपूर्ण लेख

आतंकवाद पर कायराना सियासत

अरविंद जयतिलक दुर्भाग्यपूर्ण है कि भारत में ऐसे सियासतदानों की कमी नहीं जो अपने बोलवचन से न सिर्फ आतंकियों की हौसला आफजाई कर रहे हैं बल्कि उन्हें बेगुनाह बता देश की संप्रभुता से खिलवाड़ भी कर रहे हैं। आश्चर्य है कि जब पूरा देश मुंबई सीरियल बम ब्लास्ट में मारे गए 257 लोगों के मुजरिम […]

Exit mobile version