_______________________________________ अनेक विद्याओं के ज्ञाता देवऋषि नारद, महर्षि वाल्मीकि के आश्रम में पधारते हैं| देव ऋषि नारद का सम्मान कर महर्षि वाल्मीकि उनसे पूछते हैं भगवान! इस समय इस आर्यव्रत में ही नहीं इस संसार में गुणवान, कृतज्ञ ,धर्मज्ञ सत्यवादी, कृतज्ञ ,सत्यवादी ,दृढ़ प्रतिज्ञ ,कौन है? सदाचार से युक्त सब प्राणियों का हित करने वाला […]