मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के चरित्र और कार्यशैली पर एक महत्वपूर्ण लेख माला _____________________________ अपने मित्र निषाद राज गुह से श्री राम कह रहे हैं| जटा कृत्वा गमिष्यामि न्यग्रोधक्षीर मानय| तत्क्षीर राजपुत्राय गुह: छिप्रमुपाहरत्|| (अयोध्या कांड) मैं जटा धारण कर वन में प्रवेश करूंगा इसलिए हे गुह! तुम बरगद का दूध ले आओ| यह सुन […]