डा.राधे श्याम द्विवेदी राम’ भारतीय परंपरा में एक प्यारा नाम है. वह ब्रह्मवादियों का ब्रह्म है. निर्गुणवादी संतों का आत्मराम है. ईश्वरवादियों का ईश्वर है. कबीर के राम निराकार है।ये अवतारवादियों का अवतार है. वे वैदिक साहित्य में एक रूप में आया है, तो बौद्ध जातक कथाओं में किसी दूसरे रूप में. एक ही ऋषि […]
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ओ३म् ============ महात्मा दयानन्द वानप्रस्थ (जन्म 18-1-1912 मृत्यु 20-1-1989) वैदिक धर्म, ऋषि दयानन्द और आर्यसमाज के निष्ठावान अनुयायी एवं वेद, यज्ञ एवं साधना के प्रचारक थे। उनका जीवन धर्म, संस्कृति के प्रचार एवं यज्ञ-योग-साधना को समर्पित था। उन्होंने वैदिक साधन आश्रम तपोवन, देहरादून के द्वारा देश के विभिन्न भागों में जाकर यज्ञ एवं योग आदि […]
सहदेव समर्पित विलक्षण प्रतिभा के धनी पं0 गुरुदत्त विद्यार्थी, ऋषि दयानन्द के अनन्य श्रद्धालु थे। अपने 26 वर्ष अत्यल्प जीवन काल में साहित्य व शिक्षा के क्षेत्र में अद्भुत कार्य किया। 26 अप्रैल, 1864 में अद्भुत प्रतिभा, अपूर्व विद्वत्ता एवं गम्भीर वक्तृत्व-कला के धनी पंडित गुरुदत्त विद्यार्थी का जन्म 26 अप्रैल 1864 को मुल्तान के […]
देवेश बाजीराव गौतम एडवोकेट अभी हाल ही में कोरोना महामारी पूरी दुनिया में फैली जिसमे लाखो लोगो को अपनी जान गवानी पड़ी उसी प्रकार 1896 में दुनिया के कई देशों सहित भारत में प्लेग की जानलेवा बीमारी फैली। शुरुआत में तटीय इलाके इससे प्रभावित हुए। मुंबई के नज़दीक होने के कारण पुणे में जल्द ही […]
लेखक- स्वामी धर्मानन्द प्रस्तुति- प्रियांशु सेठ माननीय डॉ० अम्बेदकरजी से गत २७ फर्वरी को मेरी जब उनकी कोठी पर बातचीत हुई तो उन्होंने यह भी कहा कि सांख्यदर्शन में ईश्वरवाद का खण्डन किया गया है। यही बात अन्य भी अनेक लेखकों ने लिखी है किन्तु वस्तुतः यह अशुद्ध है। सांख्य दर्शन में ईश्वर के सृष्टि […]
डॉ. विवेक आर्य भारत के शैक्षिक जगत में डी.ए.वी. विद्यालयों का बहुत बड़ा योगदान है। विद्यालयों की इस शृंखला के संस्थापक हंसराज जी का जन्म महान संगीतकार बैजू बावरा के जन्म से धन्य हुए ग्राम बैजवाड़ा (जिला होशियारपुर, पंजाब) में 19 अप्रैल, 1864 को हुआ था। बचपन से ही शिक्षा के प्रति इनके मन में […]
——-इंजीनियर श्याम सुन्दर पोद्दार,महामन्त्री,वीर सावरकर फ़ाउंडेशन ——————————————— लन्दन को अपनी क्रांतिकारी गतिविधियों से कँपा देने वाले वीर सावरकर १९३७ में जब लम्बे कारावास से मुक्त हुवे हुए तो राजनीति न करने का उन पर लगाया गया प्रतिबंध भी हटा लिया गया अर्थात अब वे देश की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा सकते थे। तब उन्होंने […]
ओ३म् ========= दिनांक 8 अप्रैल, 2022 को सामवेद के संस्कृत और हिन्दी भाषा के प्रामाणिक भाष्यकार आचार्य डा. रामनाथ वेदालंकार जी की 8 वी पुण्य तिथि थी। 8 वर्ष पूर्व उन्होंने अपने पंचभौतिक शरीर का त्याग किया था। उन्होंने जीवन भर एक आचार्य, शिक्षक एवं वैदिक साहित्य के प्रणेता सहित उच्च कोटि के ग्रन्थकार के […]
वेदों के नाम पर यज्ञों का आयोजन करके उसमें पशु बलि देना किसी भी दृष्टिकोण से उचित नहीं था, परंतु एक काल ऐसा आया था जब इस प्रकार का अत्याचार पशुओं पर निरंतर बढ़ता जा रहा था । मानवता और वेदों की मूल अवधारणा के विरुद्ध अपनाए जा रहे इस प्रकार के अत्याचार के विरुद्ध […]
ललित गर्ग बाबा साहेब के नाम से दुनियाभर में लोकप्रिय डॉ. भीमराव अम्बेडकर समाज सुधारक, दलित राजनेता, महामनीषी, क्रांतिकारी योद्धा, लोकनायक, विद्वान, दार्शनिक, वैज्ञानिक, समाजसेवी एवं धैर्यवान व्यक्तित्व होने के साथ ही विश्व स्तर के विधिवेत्ता व भारतीय संविधान के मुख्य शिल्पकार थे। दुनिया-जहान और विशेषतः भारत की परिस्थितियों को एक संतुलित, भेदभावरहित एवं समतामूलक […]