चाणक्य नीति शैले शैले न माणिक्यं मौक्तिकं न गजे गजे। साधवो न हि सर्वत्र चन्दनं न वने वने।। आचार्य चाणक्य ने कहा है कि न प्रत्येक पर्वत पर मणि-माणिक्य नही प्राप्त होते , न प्रत्येक हाथी के मस्तक में मणि नहीं होती है, साधु पुरुष भी सब जगह नहीं मिलते। इसी प्रकार सभी वनों में […]