उनके एक प्रत्यक्षदर्शी शाहपुरा नरेश सर नाहरसिंह वर्मा द्वारा किया गया वर्णन स्वामी जी पुष्ट काया, दृढ़ जत्रु, और बड़े बलिष्ठ थे। उनके शरीर से इस समय के बलवानों की जो तुलना करता हूँ तो बड़ा भारी अन्तर पाता हूँ। उनके अंग-प्रत्यंग ऐसे सुदृढ़ व सुडौल थे कि वैसे आज तक देखने में नहीं आये। […]