प्रतीकात्मक(साभार हिन्दू जागरण संघ) अयोध्या में राममंदिर का शिलान्यास जरूर हो गया है, लेकिन भारत में अभी भी पल रहे मुग़ल वंशज अपनी मौजूदगी दिखाने पर उतारू हैं। 5 अगस्त के दिन अयोध्या में राम मंदिर का भूमि पूजन हो रहा था। वहीं झारखंड के जमशेदपुर में एक हनुमान मंदिर में रामधुन बजाने पर पुलिस ने लाउडस्पीकर ही […]
Month: August 2020
आनंद जोनवार अयोध्या राममंदिर मामले में लंबी कानूनी लड़ाई के बाद सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुरूप ही समिति बनाकर मंदिर निर्माण की प्रक्रिया जारी है। 5अगस्त को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मौजूदगी में राम मंदिर का शिलान्यास हुआ।निश्चित ही राम मंदिर के निर्माण को लेकर समस्त हिन्दूओं में खुशी का माहौल है। खुशी […]
विजय कुमार भारत और चीन में पुराना झगड़ा है। दोनों एक-दूसरे को 1962 की याद दिलाते रहते हैं। चीन तीन किमी आगे बढ़ता है, फिर समझौता कर दो किमी पीछे हट जाता है। इस तरह उसने काफी धरती कब्जा ली है; पर अब भारतीय सीमा पर सड़क, हवाई अड्डे और बंकर बन रहे हैं। इन […]
ललित गर्ग जीवन की विडम्बना यह है कि हम अपनी हर अनगढ़ता, हर अपूर्णता के लिए दुनिया को जिम्मेवार ठहराते हैं। जबकि हमें इसके कारणों को स्वयं में खोजना चाहिए। जेफ ओल्सन की किताब ‘द स्लाइट एज’ में खुशी की तलाश का एक पूरा दर्शन छिपा है। कोरोना महासंकट में जिंदगी हमसे यही चाहती है […]
डॉ. राजेन्द्र प्रसाद शर्मा हालांकि किसी भी बड़ी घटना के एक साल के परिणामों का विश्लेषण करना उसके साथ न्याय नहीं कहा जा सकता क्योंकि दशकों की व्यवस्था को तोड़कर नया रचने के लिए समय, धन और लोगों की मानसिकता में बदलाव की लंबी पारी खेलनी होती है। आजादी के आंदोलन में जिस तरह से […]
ओ३म् “मर्यादा पुरुषोत्तम राम के जीवन आदर्शों एवं पावन स्मृति को सादर नमन” ========= मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम वैदिक धर्म एवं संस्कृति के आदर्श हैं। उनका जीवन एवं कार्य वैदिक धर्म की मर्यादाओं के अनुरूप हैं एवं संसार के सभी लोगों के लिए अनुकरणीय हैं। भगवान राम ने अपने आदर्श जीवन एवं व्यवहार से संसार […]
देश धर्म की रक्षा के लिए बनाई गईं राष्ट्रीय सेनाएं ऐसी राष्ट्रीय सेनाओं का गठन हमारे राजाओं ने एक बार नहीं अनेकों बार किया । विनोद कुमार मिश्र (प्रयाग) ने अपनी पुस्तक ‘विदेशी आक्रमणकारी का सर्वनाश : भारतीय इतिहास का एक गुप्त अध्याय’ – में किया है । वह हमें बताते हैं : – “1030 […]
_______________________________________ अनेक विद्याओं के ज्ञाता देवऋषि नारद, महर्षि वाल्मीकि के आश्रम में पधारते हैं| देव ऋषि नारद का सम्मान कर महर्षि वाल्मीकि उनसे पूछते हैं भगवान! इस समय इस आर्यव्रत में ही नहीं इस संसार में गुणवान, कृतज्ञ ,धर्मज्ञ सत्यवादी, कृतज्ञ ,सत्यवादी ,दृढ़ प्रतिज्ञ ,कौन है? सदाचार से युक्त सब प्राणियों का हित करने वाला […]
डॉ0 राकेश राणा (असिस्टेंट प्रोफेसर : समाजशास्त्र ) राम का अतीत इतना व्यापक और विस्तारित है कि उस पर समझ और संज्ञान की सीमाएं है। उन्हें चिन्हित करना भी बहुत दुरुह कार्य है। भारतीय समाज में राम उस वटवृक्ष की तरह है जिसकी छत्रछाया में भक्त, आलोचक, आम, खास, आरोधक, विरोधक सबके सब साथ-साथ न […]
#अयोध्या नब्बे का वह दौर याद आता है। लाखों लोग, दोगुनी आंखे, राम नाम की धूम, लाखों कलेजों की उम्मीदें, बन्दूक की गोलियां, रक्त, हाहाकार, मृत्यु, शान्ति… प्रलय के बाद की शान्ति केवल सनातन भाव जो जन्म देती है। पीड़ा की कोख से ही देवत्व जन्म लेता है। अयोध्या का मन्दिर इस बात के […]