💐वेद का गूढ़ ज्ञान *💐 🌺पंञ्च नद्यु: सरस्वतीमपि यन्ति सस्त्रोतम:। सरस्वती तु पञ्चधा सो देशेऽभवत्सरित्।। **यजुर्वेद* 34/11 🌹 *भावार्थ:* इस मंत्र में किसी भौतिक नदी का वर्णन नहीं है। यहां सरस्वती नदी का अभिप्राय जीवात्मा से है। पांच नदियां पांच ज्ञानेन्द्रियों की सूचक हैं। पांच विषयों रूप,रस,शब्द, स्पर्श और गंध में से एक-एक उनका स्त्रोत […]