सावरकर जी का पूरा नाम था विनायक दामोदर सावरकर उनका जन्म 28 मई 1882 को नासिक जिले के भगूर नामक ग्राम में हुआ था । आज सावरकर कहने मात्र से इन्हीं महापुरुष का बोध होता है । इनके परिचय के बारे में कुछ लिखना अटपटा लगता है । सावरकर जी में अदम्य साहस था […]
Month: May 2020
भारत वर्ष आज भी गांवों में ही बसता है। ऐसा इसलिए कहा जाता है, क्योंकि देश की लगभग 60 प्रतिशत आबादी गांवों में ही निवास करती है। केंद्र में माननीय नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा वर्ष 2014 के बाद से ही किसानों की आय दुगनी करने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है एवं कृषि […]
विजयसिंह पथिक भारतीय राजनैतिक परिदृश्य पर एकमात्र नेतृत्व है जिसने समाज के साथ मिलकर सफल सत्यागह की पहली शैली ईजाद की। होली के दूसरे दिन दुल्हेंडी 27 फरवरी, 1884 को जन्में भूपसिंह ही विजयसिंह पथिक बने। उनके पिता व माता दोनों के परिवार 1857 की क्रांति में सक्रिय भागीदारी थे। पथिक इन्दौर में 1905 में […]
मनुष्य आत्मा एवं शरीर से संयुक्त होकर बना हुआ एक प्राणी हैं। आत्मा अति सूक्ष्म तत्व व सत्ता है। इसे शरीर से संयुक्त करना सर्वातिसूक्ष्म, सच्चिदानन्दस्वरूप, निराकार, सर्वव्यापक, सर्वान्तर्यामी, अनादि, नित्य व अविनाशी ईश्वर का काम है। आत्मा स्वयं माता के गर्भ में जाकर जन्म नहीं ले सकती। आत्मा को माता के शरीर में भेजना, […]
28 मई/जन्म-दिवस विनायक दामोदर सावरकर का जन्म ग्राम भगूर (जिला नासिक, महाराष्ट्र) में 28 मई, 1883 को हुआ था। छात्र जीवन में इन पर लोकमान्य तिलक के समाचार पत्र ‘केसरी’ का बहुत प्रभाव पड़ा। इन्होंने भी अपने जीवन का लक्ष्य देश की स्वतन्त्रता को बना लिया। 1905 में उन्होंने विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार का आन्दोलन […]
समय द्वापर का था. बड़ी भीषण परिस्थितियां थीं. राज्याध्यक्ष उच्श्रृंखल हो चुके थे। प्रजा परेशान थी. न्याय माँगने वालों को काल कोठरी नसीब होती थी। अराजकता का बोल-बाला था. भोग-विलास का आलम छाया हुआ था। उस समय मथुरा का राज्य कंस के हाथों में था। वह भी निरंकुश व पाषाण ह्रदय नरेश था. वैसे तो […]
श्रेय , प्रेय , धर्म और संस्कृति
भावों के पंच गुण सर्वमान्य हैं ।पहला सरलता ,दूसरा समरसता, तीसरा मधुरता, चौथा कोमलता, पांचवां विशुद्धता। जो साधक होते हैं वह बिना ध्वनि के संगीत सुनना पसंद करते हैं ।जिसका तात्पर्य होता है कि वे ऐसा संगीत सुनना पसंद करते हैं जिसमें कोई स्वर न हो अर्थात वे अनहद का संगीत सुनते हैं। ऐसे भक्तों […]
#धर्मरक्षक_राजामान यह हिंदुओ का महातीर्थ द्वारिकाधीश मंदिर , द्वारिका है, पौराणिक मान्यता के अनुसार इस मंदिर का निर्माण श्रीकृष्ण ने पौत्र ने करवाया था । 1472 ईस्वी में इस मंदिर पर महमूद बेगड़ा ने आक्रमण करके इसे मस्जिद में परिवर्तित कर दिया ।। उसके बाद आमेर के राजा मानसिंहजी ने गुजरात पर आक्रमण कर गुजरात […]
जयंती के अवसर पर विशेषजब देश के स्वाधीनता संग्राम में सत्याग्रह और असहयोग आन्दोलन की बात चले तो इतिहास का कोई भी जिज्ञासु विद्यार्थी विजय सिंह पथिक को महात्मा गांधी जैसे महान व्यक्तित्व से भी पहले इसलिए नमन करना चाहेगा कि गांधीजी ने ‘पथिक’ के पथ का ‘पथिक’ बनकर उनसे बहुत कुछ सीखा था। यही […]
नई दिल्ली: अब से सही 6 साल पहले 26 मई 2014 को प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी । अब जब उनके शासन के 6 वर्ष पूरे हो गए हैं तो उनकी कश्मीर क्रांति ने भारत को न केवल विश्व मंचों पर प्रतिष्ठा प्रदान की है बल्कि पाकिस्तान के […]