नरेंद्र मोदी ने हाल में एक करिश्मा कर दिखाया कि गणतंत्र दिवस पर आसियान समूह में शामिल दस देशों के राष्ट्राध्यक्ष बुलाकर भारत की क्षमता व सांस्कृतिक विविधता से उन्हें अवगत कराया। यह इस बात का प्रमाण है कि लुक ईस्ट वाली नीति अब एक्ट ईस्ट के रूप में उनके नेतृत्व में परिवर्तित होती जा […]
Month: February 2018
अज्ञान से उपजा ग्रहण का भय
विजन कुमार पांडेय बुधवार 31 जनवरी को इस साल यानी 2018 का पहला चंद्रग्रहण लगा। इस दिन भारत के साथ-साथ विभिन्न देश के लोगों को ‘ब्लडमून’, ‘सुपरमून’ और ‘ब्लूमून’ की एक दुर्लभ खगोलीय घटना देखने को मिली। नासा के अनुसार पिछली बार ऐसा ग्रहण 1982 में लगा था और इसके बाद ऐसा मौका 2033 में […]
मोदी के नाम पर चुनाव जीतने की तैयारी
त्रिपुरा में सत्तारूढ़ माकपा को विधानसभा चुनाव में शिकस्त देने के लिए भाजपा ने मोदी मैजिक को आधार बनाया है। साथ ही लोगों को जोडऩे व अपना संदेश उन तक पहुंचाने के लिए ‘पन्ना प्रमुखों’ को योजक कड़ी के रूप में उपयोग करने का फैसला किया है। भाजपा के त्रिपुरा प्रदेश प्रभारी सुनील देवधर ने […]
गीता का तेरहवां अध्याय और विश्व समाज इस प्रकार श्रीकृष्णजी ने इन चौबीस तत्वों से ब्रह्माण्ड तथा पिण्ड के क्षेत्र को बना हुआ माना है। जैसे खेत में खरपतवार उग आता है वैसे ही इच्छा, द्वेष, सुख-दु:खादि पिण्ड रूपी क्षेत्र केे खरपतवार या विकार हैं। यह खरपतवार पिण्ड रूपी क्षेत्र की सद्भावों की फसल को […]
डब्ल्यूएचओ यानि विश्व स्वास्थ्य संगठन की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक भारत का हर चौथा किशोर डिप्रेशन का शिकार है. डब्ल्यूएचओ ने बताया कि 10 दक्षिण पूर्व एशियाई देशों में सर्वाधिक आत्महत्या दर भारत में है. उसने ‘दक्षिण पूर्व एशिया में किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य की स्थिति कार्रवाई का सबूत’ नामक रिपोर्ट जारी किया जो कहती […]
गुरूजी ने औरंगजेब के लिए एक पत्र लिखा जिस समय गुरू गोविन्द सिंह को अपने दो सुपुत्रों को दीवार में चुनवाने का समाचार मिला था, उस समय गुरूदेव रामकोट में थे। तब उन्होंने औरंगजेब के लिए एक पत्र लिखा। जिसे उन्होंने ‘शायरी’ के रूप में लिखा था उस पत्र के कुछ अंश इस प्रकार थे- […]
डॉ. प्रभात कुमार सिंघल कई बार कोई व्यक्ति हँसता है तो हम कहते हैं कि आप की तो हँसी में मोती बिखर जाते हैं। स्वस्थ, सफेद, चमकीले दांतों को देखकर ही हम ऐसा कहते हैं। सफेद चमकीले और अच्छे दांत व्यक्ति के व्यक्तित्व में चार चांद लगा देते हैं। इसलिए जरूरी है कि शरीर के […]
मानसरोवर चित्त है, जिसमें जल सद्भाव
बिखरे मोती-भाग 220 गतांक से आगे…. स्मरण रहे, पवित्र चित्त में ही परमात्मा का निवास होता है, दूषित चित्त में नहीं। चित्त की पवित्रता पर सभी धर्मों के धर्मशास्त्रों और धर्माचार्यों ने इसीलिए विशेष बल दिया है। मोक्ष में भी बुद्घि-चित्त, तन्मात्रा जीव के साथ। ये मन्दिर हरि-मिलन का, मोक्ष इसी के हाथ ।। 1155 […]
सिकंदर की पराजय
डा. रवीन्द्र अग्निहोत्री आजकल टी वी के एक चैनल पर पोरस शीर्षक से दिखाए जा रहे सीरियल के बहाने एक बार फिर वही कहानी याद आ गई जिसमें वीर योद्धा पुरु (पोरस) को पराजित और आक्रमणकारी सिकंदर को विजयी बताया गया है । इतना ही नहीं, पुरु को क्षमा करके और केवल उसका राज्य नहीं, […]
गीता का तेरहवां अध्याय और विश्व समाज जैसे एक खेत का स्वामी अपने खेत के कोने-कोने से परिचित होता है कि खेत में कहां कुंआ है? कहां उसमें ऊंचाई है? कहां नीचा है? उसकी मिट्टी कैसी है? उसमें कौन सी फसल बोयी जानी उचित होगी?-इत्यादि। वैसे ही हममें से अधिकांश लोग संसार में शरीर धारी […]